स्ट्रक्चरल स्टील
MS प्लेट
मोटा चपटा लोहा, जो mm में मोटाई और टुकड़े के नाप पर मँगता है और अपने वजन पर बिलता है।
- स्ट्रक्चरल स्टील
- 2 साइज़ लिस्ट में
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
- सातों दिन खुला
MS प्लेट वही मोटा चपटा लोहा है जिसमें से वर्कशॉप बेस प्लेट, गसेट या टंकी का हिस्सा काटती है। Jay Shree Infra इसे सहरसा, सुपौल और मधेपुरा तक देता है, उसी स्ट्रक्चरल स्टील रैक से जिस पर एंगल, चैनल, जॉइस्ट और बीम रहते हैं। उस रैक के आठ आकारों में यही अकेला है जिसके साथ कोई ब्रांड नाम नहीं जुड़ा, इसलिए प्लेट का ऑर्डर उन दो चीज़ों पर चलता है जो खरीदने वाला खुद नापता है: mm में मोटाई और कटे हुए टुकड़े का नाप।
नीचे जो आँकड़े छपे हैं वे SAIL के हैं, उसी की एक प्लेट मिल पर लिखे दो कागज़ों से, और दोनों आपस में मेल नहीं खाते। दोनों मिलकर इतना तय करते हैं कि भारत में माइल्ड स्टील प्लेट किस बैंड में रोल होती है, और कटा हुआ हर टुकड़ा उसी में से निकलता है। इससे पतला हॉट रोल्ड लोहा मिल से कॉइल और शीट बनकर निकलता है, और वह हिस्सा स्टील शीट के नीचे रखा है। SAIL का और क्या माल इस गोदाम तक आता है, यह SAIL के पेज पर है, जहाँ प्लेट उन लाइनों में गिनी नहीं गई है।
छपी हुई रेंज
SAIL अपनी प्लेट मिल के लिए क्या छापता है
प्लेट की मोटाई और लंबाई के बैंड, जैसे SAIL ने अपने दो अलग कागज़ों में छापे हैं।
सारे कॉलम देखने के लिए टेबल को दाएँ बाएँ स्क्रॉल कीजिए
| SAIL की लिस्टिंग | मोटाईmm | लंबाई |
|---|---|---|
| SAIL New Plate Mill | 6 to 100 | 6300 to 15000 mm |
| SAIL Rourkela Steel Plant | 10 to 100 | 6000 to 12000 mm |
दोनों पंक्तियाँ एक ही मिल की बात कर रही हैं, राउरकेला की न्यू प्लेट मिल। पहली SAIL के जुलाई 2022 वाले प्लेट ब्रोशर से है और दूसरी उसी मिल की मौजूदा एक्सपोर्ट लिस्टिंग से, और एक मोटाई 6 mm से खोलती है तो दूसरी 10 mm से, एक लंबाई 15000 mm पर बंद करती है तो दूसरी 12000 mm पर। ब्रोशर के अंदर की रैशनलाइज़्ड साइज़ टेबल 8 mm से शुरू होती है, यानी प्लेट कहाँ से शुरू होती है इसके तीन जवाब खुद SAIL के कागज़ों में हैं। एक ही आँकड़ा दोनों जगह एक जैसा छपा है, चौड़ाई का बैंड 1500 से 4100 mm। किस दिन इस गोदाम में कौन सी मोटाई खड़ी है, यह फोन की बात है, टेबल की नहीं।
किस काम में लगती है
प्लेट वहाँ लगती है जहाँ भार फैलाना होता है। शेड और गोदाम के कॉलम के नीचे बेस प्लेट, ट्रस के जोड़ पर गसेट, मशीन का बेस, प्लेटफॉर्म और रैंप की चादर, टंकी का काम, और पुल तथा प्रोजेक्ट का भारी फैब्रिकेशन: इन सब में प्लेट लगती है।
कितनी मोटी लगेगी, यह ड्रॉइंग तय करती है, दुकान कभी नहीं। कॉलम के नीचे की बेस प्लेट का नाप ड्रॉइंग में उसके बोल्ट के साथ ही लिखा रहता है, और ब्रैकेट या जोड़ की प्लेट का भी। जहाँ यह चैनल या बीम से बोल्ट होनी है, फोन पर वह सेक्शन भी बता दीजिए, और प्लेट का नाप उसी कागज़ से पढ़िए जिससे सेक्शन आया है।
तीन नाप मिलकर एक वजन बनाते हैं
प्लेट का प्रति मीटर वजन कहीं छपा नहीं मिलेगा, और छप भी नहीं सकता: इसका सेक्शन तय नहीं होता, क्योंकि जो टुकड़ा आप कटवाते हैं वही उसका सेक्शन है। बाज़ार का हिसाब ऐसे चलता है: मीटर में लंबाई, मीटर में चौड़ाई, mm में मोटाई, तीनों का आपस में गुणा और उस पर 7.85 का गुणा, जवाब किलो में आता है। एक मीटर बाई 500 mm का टुकड़ा 10 mm मोटाई में 39.25 kg पड़ता है, और वही टुकड़ा 6 mm में 23.55 kg। 7.85 स्टील का घनत्व है और इससे ज़्यादा कुछ नहीं, और वही आँकड़ा गोल बार के लिए 162 में कैसे बदल जाता है, यह सरिया वजन चार्ट पर लिखा है।
प्लेट पीस से, किलो से और टन से, तीनों तरह बिकती है। किसी काम पर इनमें से कौन सा आधार चलेगा, यह कॉल पर सबसे पहले तय होता है।
मिल खुद छापती है कि नाप कितना ऊपर नीचे जा सकता है
यह हिसाब लिखे हुए नाप पर चलता है, और रोल हुई प्लेट को उससे थोड़ा हटने की छूट रहती है। भिलाई की प्लेट के लिए SAIL मोटाई की छूट प्रतिशत में छापता है: 12 mm से ऊपर जोड़ 5.0 और घटा 5.0, 8 से 12 mm में जोड़ 7.5 और घटा 5.0, तथा 8 mm से नीचे जोड़ 12.5 और घटा 5.0। न्यू प्लेट मिल यही छूट मिलीमीटर में छापती है, 8 से 15 mm से कम में जोड़ या घटा 0.27 mm, और 80 से 100 mm से कम में जोड़ या घटा 0.50 mm।
चौड़ाई और लंबाई की छूट SAIL सिर्फ जोड़ में छापता है। 8000 mm तक लंबी, 2000 mm तक चौड़ी और 20 mm तक मोटी ट्रिम की हुई प्लेट चौड़ाई में 10 mm ऊपर जा सकती है और नीचे कुछ नहीं, और बिना ट्रिम वाली प्लेट पर यही आँकड़ा 100 mm हो जाता है। काम की योजना हिसाब से बनाइए, और जो चार्ज हो वह वही रहे जो लोहा तौल पर दिखाए।
E नंबर के आगे वाला अक्षर इम्पैक्ट टेस्ट है
SAIL अपनी प्लेट के ग्रेड IS 2062 E250, E300, E350, E410 और E450 लिखता है, भिलाई में E550 भी, और हर एक के आगे क्वालिटी का एक अक्षर रखता है: A, BR, B0 या C। उसकी अपनी छपी टेबल में क्वालिटी A पर इम्पैक्ट टेस्ट है ही नहीं, BR कमरे के तापमान पर जाँची जाती है, B0 शून्य डिग्री सेल्सियस पर और C घटा बीस डिग्री सेल्सियस पर, और E250, E300 तथा E350 पर तीनों 27 जूल पर।
यानी E वाला नंबर कम से कम यील्ड स्ट्रेंथ है और अक्षर उसकी सहनशक्ति, और जिस टेंडर में E350B0 लिखा है उसने दोनों माँग लिए हैं। पूरा designation ड्रॉइंग से पढ़कर फोन पर बता दीजिए, और प्रोजेक्ट के काम में साथ ही यह भी कि माल के साथ टेस्ट सर्टिफिकेट जाना है या नहीं।
स्रोत
SAIL के वे दो कागज़ जिनसे ये आँकड़े आए हैं
ऊपर का हर छपा हुआ आँकड़ा इन्हीं दोनों में से एक का है, और दोनों राउरकेला की एक ही प्लेट मिल की बात करते हैं।
सवाल
प्लेट के सवाल
प्लेट का वजन नाप से कैसे बनता है?
एक मीटर बाई 500 mm का टुकड़ा 10 mm मोटाई में 39.25 kg बैठता है, और वही टुकड़ा 6 mm में 23.55 kg। यह हिसाब किस गुणा से निकला है, वह ऊपर वाले खाने में लिखा है, और जवाब किलो में आता है। एंगल या पट्टी की तरह प्लेट का प्रति मीटर वजन कहीं छपा नहीं होता, क्योंकि कटने से पहले उसका कोई सेक्शन तय ही नहीं होता।
कितने mm से ऊपर उसे प्लेट कहते हैं?
खुद SAIL तीन जवाब देता है: प्लेट ब्रोशर के सिरे पर 6 mm, उसी ब्रोशर के अंदर की रैशनलाइज़्ड साइज़ टेबल पर 8 mm, और उसी मिल की एक्सपोर्ट लिस्टिंग पर 10 mm। मिल जिस नाप पर चल रही हो उससे नीचे वही हॉट रोल्ड लोहा कॉइल और शीट बनकर बिकता है। आप mm में मोटाई और टुकड़े का नाप बता दीजिए, फिर नाम का झगड़ा बचता नहीं।
E250 के आगे A, BR, B0 लिखा रहता है, वह क्या होता है?
वह इम्पैक्ट टेस्ट है। SAIL की अपनी IS 2062 वाली प्लेट टेबल में क्वालिटी A पर कोई इम्पैक्ट टेस्ट नहीं है, BR कमरे के तापमान पर जाँची जाती है, B0 शून्य डिग्री सेल्सियस पर और C घटा बीस डिग्री सेल्सियस पर, E250, E300 तथा E350 पर 27 जूल के साथ। E वाला नंबर कम से कम यील्ड स्ट्रेंथ बताता है, इसलिए जिस ड्रॉइंग में E350B0 लिखा है उसने दोनों बातें माँगी हैं।
प्लेट पर नाम या ग्रेड कहाँ लिखा रहता है?
SAIL अपनी न्यू प्लेट मिल की प्लेट पर दो निशान छापता है: पहचान के लिए ऊपर की सतह और किनारे पर स्प्रे पेंट का मार्क, और पंच किए हुए पहचान नंबर, ग्रेड तथा SAIL का लोगो। प्लेट के साथ यहाँ कोई एक तय ब्रांड नाम नहीं जुड़ा, इसलिए किस दिन यहाँ खड़ी प्लेट पर कौन सा नाम है और कौन सी मोटाई में है, यह फोन पर बताया जाता है।
नाप की प्लेट कटवा कर मिल जाएगी?
कॉल पर पूछ लीजिए, क्योंकि यह इस पर है कि क्या खड़ा है और उसमें से टुकड़ा निकल सकता है या नहीं। मिल की प्लेट ऊपर छपी हुई चौड़ाई और लंबाई में आती है, इसलिए छोटा टुकड़ा हमेशा किसी बड़े में से कटता है और कटाई ऑर्डर के साथ ही तय करनी पड़ती है। तैयार नाप, मोटाई और कितने टुकड़े, इतना बता दीजिए।
एक प्लेट उतारने में क्या ध्यान रखना होगा?
एक टुकड़े का वजन। 2500 बाई 1250 mm का एक ही टुकड़ा 20 mm में हिसाब से करीब 490 kg बैठता है, इसलिए नाप बताते समय यह भी बता दीजिए कि गाड़ी से उतारेगा कौन। हमारी अपनी गाड़ियाँ सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के चौंतीसों ब्लॉक तक जाती हैं, उस रास्ते के बाज़ार भाड़े पर।
संपर्क
पहले मोटाई, फिर टुकड़े का नाप
प्लेट उसी टुकड़े के हिसाब से मँगती है जो आपको चाहिए, किसी लिखे-लिखाए सेक्शन के नाम से नहीं, इसलिए पहले mm में मोटाई बताइए, फिर कटिंग साइज़, फिर कितने टुकड़े या कितने किलो, और गाँव। उस नाप का टुकड़ा खड़े माल में से निकलेगा या नहीं, और उस पर नाम कौन सा है, दोनों उसी कॉल पर बता दिए जाते हैं।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक