कैटेगरी
सहरसा में स्ट्रक्चरल स्टील
एंगल, पट्टी, स्क्वायर, गोल बार, चैनल, जॉइस्ट, बीम और प्लेट, दो रैक जिनका ऑर्डर अलग शब्दों में होता है।
- 8 प्रोडक्ट
- 5 ब्रांड स्टॉक में
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
- सातों दिन खुला
स्ट्रक्चरल स्टील वही लोहा है जिससे काम का ढाँचा खड़ा होता है, वर्कशॉप में या साइट पर काटकर और वेल्ड करके। Jay Shree Infra के सहरसा गोदाम में यह दो रैक पर रहता है और दोनों रैक का मिजाज अलग है। हल्का रैक यानी एंगल, पट्टी, स्क्वायर और गोल बार, यहाँ ग्रिल, गेट, खिड़की और रेलिंग का काम इसी से बनता है; इस पर दो नाम चलते हैं, HMB और Solar। भारी रैक यानी चैनल, जॉइस्ट और बीम, इसमें SAIL, Shyam Metalics और MC आते हैं, और यह शेड के ढाँचे, गोदाम और प्लेटफॉर्म में लगता है। MS प्लेट इन्हीं के साथ रहती है और उसके सामने कोई ब्रांड नाम दर्ज ही नहीं है, इसलिए प्लेट का ऑर्डर मोटाई और कटिंग साइज़ पर चलता है।
सबसे ज़्यादा खरीद वर्कशॉप वालों की है। ग्रिल और गेट का काम करने वाला फ्रेम के लिए एंगल, चपटी छड़ों के लिए पट्टी, और भराई के लिए स्क्वायर या गोल उठाता है, और अगले काम में वही चार चीज़ें फिर मँगाता है। ठेकेदार और प्रोजेक्ट वाले भारी सेक्शन लेते हैं, अक्सर एक काम में एक बार और टन के हिसाब से। डिलीवरी अपनी ही गाड़ियों से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा तक जाती है। बाज़ार में दुकान आज भी खगड़िया वाले के नाम से जानी जाती है।
इस कैटेगरी में
यहाँ क्या मिलता है
इस कैटेगरी में आठ आकार आते हैं, और आकार ही तय करता है कि साइज़ किस तरह लिखा जाएगा।
- एंगलबराबर भुजा वाला एंगल, जो भुजा गुणा भुजा गुणा मोटाई में लिखा जाता है। छपे हुए साइज़ फैब्रिकेशन रैक के 20x20x3 mm से लेकर SAIL के 200x200x25 mm तक चलते हैं, और हर एक का प्रति मीटर वजन अपना है।
- पट्टी (फ्लैट)चौड़ाई गुणा मोटाई, 19x6 mm से ऊपर। जिन दो नंबरों से पट्टी का नाम बनता है, वजन भी उन्हीं दो से निकलता है, इसलिए 25x5 और 25x6 दो अलग माल हैं और दो अलग बिल।
- स्क्वायर बार / स्क्वायर सेक्शन (स्क्वायर)एक ही शब्द में दो चीज़ें आ जाती हैं, और हमारे यहाँ इस नाम से ठोस वाली ही मिलती है। ठोस स्क्वायर, 8 से 25 mm, ग्रिल की भराई में लगता है। स्क्वायर हॉलो सेक्शन, छपी हुई रेंज में 20x20 से 150x150 mm, फ्रेम का पाइप है और उसमें दीवार की मोटाई भी होती है, जो ठोस बार में होती ही नहीं; वह MS पाइप के पेज पर निकाला हुआ है।
- MS गोल बार (राउंड)ठोस गोल, छपी हुई सूची में 10 से 25 mm। वजन उसी तरह निकलता है जैसे सरिया का, व्यास का वर्ग बटा 162।
- चैनलगहराई गुणा फ्लैंज गुणा वेब में लिखा जाता है: MC 75x40x4.8 पर 7.14 किलो प्रति मीटर, और आगे MC 400x100x8.8 तक। यह मिल की लंबाई में आता है, इसीलिए चैनल के ऑर्डर में गिनती से पहले लंबाई तय होती है।
- जॉइस्टकाउंटर का एक शब्द, और उसके पीछे कोई सीरीज़ तय नहीं। इसके सामने सिर्फ नॉमिनल गहराई लिखी जाती है, कोई डेज़िग्नेशन नहीं, जबकि बीम वाली पंक्तियाँ ISMB का नाम लेती हैं, और एक ही गहराई पर दो सीरीज़ अलग सेक्शन होती हैं जिनका वजन अलग पड़ता है।
- बीम (I-बीम)मीडियम बीम सीरीज़, ISMB 100 से ISMB 600 तक। भारतीय रोल्ड सीरीज़ का नाम उसकी गहराई पर पड़ता है, इसलिए वह नंबर मिलीमीटर में गहराई है, न वजन है न स्पैन।
- MS प्लेटमोटाई और कटिंग साइज़ पर, SAIL की छपी मिल रेंज 6 से 100 mm मोटाई के सामने। वजन निकलता है लंबाई गुणा चौड़ाई गुणा मोटाई गुणा 7.85 से, यानी प्लेट तीन नंबरों पर मँगती है और एक नंबर पर बिलती है।
ब्रांड
यहाँ मिलने वाले ब्रांड
हल्के रैक पर दो नाम चलते हैं और भारी रैक पर तीन। किसमें कौन सा साइज़ खड़ा है यह पिछली गाड़ी से बदलता रहता है, इसलिए सेक्शन और साइज़ एक ही साँस में बता दीजिए।
- Solar Structureदुकान की पसंदSolar नाम से एंगल, पट्टी, स्क्वायर और गोल बार, सादा भी और गैल्वनाइज़्ड भी, जिसमें गैल्वनाइज़्ड वाला Solar GI के नाम से बिल होता है। Solar अल्कनंदा TMT ग्रुप की मिल से आता है, यहाँ बरसों से रखा जाता है और ग्रिल तथा गेट के काम के लिए हमारी पहली पसंद है।
- HMBदुकान की पसंदहल्के रैक का दूसरा नाम: सादे लोहे में HMB iGrill और गैल्वनाइज़्ड में HMB Grill Guard, दोनों 20 फुट लंबाई में छपे हुए। HMB के लिए हम सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन करते हैं। इनका छपा हुआ एंगल 20x20x3 mm से शुरू होता है, भारी रैक जो रोल करता है उससे भी छोटा।
इन पाँच में से दो पर एक बात कहनी है। MC सिर्फ दो अक्षर हैं और किसी मिल का नाम नहीं बताते; जैसा हमें मिलता है वैसा ही बिल करते हैं, और टेंडर के काम में जो चीज़ मायने रखती है वह सेक्शन पर रोल किया हुआ निशान और साथ आने वाला टेस्ट सर्टिफिकेट है। यहाँ सेक्शन के जो वजन दिए हैं वे SAIL की छपी स्ट्रक्चरल सूची से हैं, और वह सूची यह बताती है कि किस नाप का वजन कितना पड़ता है, यह कभी नहीं कि आज सुबह गोदाम में क्या खड़ा है।
खरीदारी में मदद
ऑर्डर करने से पहले
एक सेक्शन तीन नंबर माँगता है
एक नंबर से सरिया का ऑर्डर हो जाता है, बस व्यास। इन दोनों रैक पर ऐसा नहीं चलता। एंगल में दोनों भुजाएँ और मोटाई, तीनों चाहिए, इसलिए 40x40x5 mm और 40x40x6 mm अलग-अलग माल हैं, और जो 40 वाली एंगल बोलकर रुक जाता है उसने आधा ऑर्डर दिया है। पट्टी में चौड़ाई और मोटाई, 25x5 mm और 25x6 mm में फर्क है। चैनल में गहराई, फ्लैंज और वेब, MC 100x50x5 का मतलब यही है। मिस्त्री ने जो लिखकर दिया है उसके तीनों नंबर पढ़ दीजिए, जवाब एक ही कॉल में मिल जाएगा।
एक रैक बीस फुट में, दूसरा बारह मीटर में
HMB अपने iGrill और Grill Guard को 20 फुट में छापता है, हल्का रैक इसी लंबाई में आता है और ग्रिल वाला इसी में हिसाब लगाता है। भारी सेक्शन दूसरी तरफ से चलते हैं। SAIL अपने मीडियम स्ट्रक्चरल मिल और यूनिवर्सल सेक्शन मिल के सेक्शन के लिए सामान्य सप्लाई लंबाई 12 मीटर छापता है, और कहता है कि आपसी सहमति से दूसरी लंबाई भी दी जा सकती है; इसके नीचे का चैनल पेज उन नापों को खोलकर रखता है। शेड का ढाँचा फुट में जोड़कर 12 मीटर के सेक्शन पर बैठाया जाए, बर्बादी वहीं से शुरू होती है, और यह हिसाब ऑर्डर से पहले बैठा लेना कटाई के बाद बैठाने से सस्ता पड़ता है। कितनी लंबाई के कितने पीस चाहिए यह बता दीजिए, हम बता देंगे कि एक स्टॉक लंबाई से कितना निकलेगा।
पर्ची पर यह सब होना चाहिए
आकार कौन सा, उसके सारे नंबर, लंबाई, कितने पीस या कितने किलो, और गाड़ी किस गाँव तक जानी है। टेंडर का काम हो तो कॉल की शुरुआत में ही बता दीजिए: अप्रूव्ड मेक लिस्ट रैक को सबसे पहले छाँट देती है, बाकी सब उसके बाद आता है। गोल बार का वजन जिस हिसाब से निकलता है वह पूरा सरिया वजन चार्ट में लिखा है। उनका और क्या माल इस गोदाम से गुज़रता है, यह SAIL के पेज पर है। ग्रिल और गेट का मटीरियल एस्टिमेट उसी कॉल पर पूछ लीजिए।
सवाल
आम सवाल
ग्रिल और गेट के लिए MS लें या GI?
सेक्शन दोनों में एक ही रहता है, सिर्फ कोटिंग बदलती है। HMB अपने iGrill को सादे लोहे में और Grill Guard को गैल्वनाइज़्ड में एक ही साइज़ सूची और एक ही प्रति मीटर वजन पर छापता है, इसलिए 25x25x5 mm एंगल दोनों में 1.766 किलो प्रति मीटर है। गैल्वनाइज़्ड वाला वहाँ लिया जाता है जहाँ लोहा खुले में मौसम झेलता है, बरामदे की ग्रिल या सड़क की तरफ का गेट। आपके साइज़ में आज कौन सा है, यह एक कॉल है।
चैनल, जॉइस्ट और बीम में क्या फर्क है?
चैनल का सेक्शन C जैसा होता है, बीम का I जैसा, और जॉइस्ट काउंटर का शब्द है हल्के I सेक्शन के लिए। जॉइस्ट के सामने सिर्फ नॉमिनल गहराई लिखी जाती है, कोई डेज़िग्नेशन नहीं, और बीम वाली पंक्तियाँ ISMB का नाम लेती हैं। नक्शे में जो नाप लिखी है वही बोल दीजिए, ISMB 150 या MC 100x50x5, फिर अंदाज़ा लगाने को कुछ बचता ही नहीं। जहाँ नक्शे में सिर्फ जॉइस्ट लिखा हो, वहाँ गहराई और स्पैन बता दीजिए।
लोहा किलो में मिलता है या पीस में?
दोनों में, और टन में भी। एंगल, पट्टी और स्क्वायर किलो, पीस, बंडल और मीट्रिक टन में बिकते हैं। गोल बार किलो, पीस और टन में जाता है, उसके सामने बंडल नहीं, और चैनल, जॉइस्ट तथा बीम भी इन्हीं तीन में। कोई सेक्शन उस दिन किस हिसाब से जा रहा है, यह रेट से पहले कॉल पर तय होता है, और दो कोटेशन तभी मिलाए जा सकते हैं जब दोनों एक ही हिसाब पर खड़े हों।
शेड का पूरा लोहा एक गाड़ी में आ जाएगा?
आम तौर पर हाँ, और गाड़ी वजन से पहले लंबाई तय करती है। चैनल और बीम मिल की करीब 10 से 12 मीटर लंबाई में आते हैं, इसलिए लदान से पहले हम पहुँच का रास्ता पूछ लेते हैं। अपनी गाड़ियाँ सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के सभी 34 ब्लॉक तक जाती हैं, भाड़ा उस रूट के बाज़ार भाव पर लगता है।
संपर्क
सेक्शन पढ़ दीजिए, रैक हम पढ़ देंगे
जैसा कागज़ पर लिखा है वैसा ही बोलिए: दोनों भुजाएँ और मोटाई, या चैनल हो तो गहराई, फिर लंबाई और गिनती। उसी सेक्शन के सामने क्या खड़ा है यह उसी कॉल पर मिल जाएगा, और कमी हो तो उसके सबसे नज़दीक का साइज़ भी।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक