कैटेगरी
सहरसा में रोलिंग शटर का सामान
शटर पट्टी, गाइड चैनल और स्प्रिंग: एक शटर बनाने के लिए वर्कशॉप को यही तीन चीज़ें चाहिए।
- 3 प्रोडक्ट
- 2 ब्रांड स्टॉक में
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
- सातों दिन खुला
रोलिंग शटर तीन चीज़ों से बनता है, और Jay Shree Infra के सहरसा गोदाम में तीनों रहती हैं: शटर पट्टी, जिससे शटर का पर्दा बनता है, दोनों तरफ का गाइड चैनल जिसमें वह पर्दा चलता है, और स्प्रिंग जो उसका वजन उठाती है। माल Solar और HMB में आता है, सादे MS ब्लैक में भी और गैल्वनाइज़्ड GI में भी। दुकान के आगे का शटर हो, अनाज गोदाम, फैक्ट्री का दरवाज़ा या गैराज, तीनों चीज़ें वही रहती हैं, सिर्फ नाप बदलती है।
गोदाम का यह वह रैक है जिसे घर बनाने वाला लगभग कभी नहीं छूता। यहाँ के खरीदार फैब्रिकेशन वर्कशॉप, ठेकेदार और प्रोजेक्ट वाली कंपनियाँ हैं, क्योंकि शटर कटता, वेल्ड होता और चढ़ता वर्कशॉप में है, दुकानदार तो उसके नीचे बहुत बाद में खड़ा होता है। इसीलिए ऑर्डर भी वर्कशॉप की भाषा में आता है: दरवाज़े के खुले हिस्से की चौड़ाई और ऊँचाई, और कितने शटर। माल हमारी अपनी गाड़ी से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के सभी 34 ब्लॉक तक जाता है। बाज़ार में यह दुकान आज भी खगड़िया वाले ही है।
इस कैटेगरी में
यहाँ क्या मिलता है
शटर के हर हिस्से का एक पेज।
- शटर प्रोफाइल (शटर पट्टी)वह पट्टी जिससे शटर का पर्दा बनता है, प्लेन, बर्फी, राउंड और फ्लैट डिज़ाइन में, MS ब्लैक या GI में। यह दरवाज़े की खुली चौड़ाई पर कटती है, इसलिए डिज़ाइन और वही एक नाप हमेशा साथ चलते हैं।
- शटर गाइड (गाइड चैनल)दोनों तरफ के वे खड़े चैनल जिनमें पर्दा चलता है और सीधा रहता है। HMB इन सेक्शन का जो कुछ छापता है वह गेट चैनल के नाम से छापता है, इसलिए फिट साइज़ पढ़कर नहीं, दरवाज़े पर नाप कर तय होता है।
- शटर स्प्रिंगवह स्प्रिंग जो बने हुए पर्दे का वजन उठाती है। शटर का यही एक हिस्सा है जो पर्दा बन जाने से पहले तय नहीं हो सकता, क्योंकि वह पर्दे के आख़िरी वजन पर बैठती है।
ब्रांड
यहाँ मिलने वाले ब्रांड
इस रैक पर दो ही नाम चलते हैं, Solar और HMB, वही दो जो बगल के फैब्रिकेशन सेक्शन पर भी चलते हैं। बता दीजिए कि वर्कशॉप अब तक किसमें बनाता आया है।
- Solarदुकान की पसंदSolar के नाम पर शटर पट्टी और गाइड चैनल, वर्कशॉप जो नाप माँगे उसी में कटकर। इसके पीछे कोई मिल का नाम नहीं जुड़ता, और हम इसे लगातार रखते हैं।
- HMBदुकान की पसंदछपी हुई लंबाई 20 ft है, और गाइड चैनल इसी स्टॉक लंबाई में से दरवाज़े की खुली ऊँचाई पर कटता है। HMB के लिए हम सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन करते हैं।
इस रैक पर स्प्रिंग अकेली चीज़ है जिस पर कोई ब्रांड नाम नहीं है। इसे पर्दे के आख़िरी वजन से मिलाइए, किसी साइज़ नंबर से नहीं। शटर पट्टी रोल फॉर्म होती है, इसलिए दो नामों की एक ही डिज़ाइन हमेशा एक ही सेक्शन नहीं होती: पुराना शटर मिलाना हो तो पुरानी पट्टी का टुकड़ा या पुराना बिल साथ ले आइए।
खरीदारी में मदद
ऑर्डर करने से पहले
ऑर्डर दरवाज़ा तय करता है
यहाँ हर नाप दरवाज़े से निकलती है, किसी रैक से नहीं। गाइड चैनल सीधी स्टॉक लंबाई में आता है और खुली ऊँचाई पर कटता है; पट्टी खुली चौड़ाई पर कटती है। पुराना शटर बदल रहे हों तो दरवाज़ा और पुराना शटर, दोनों नाप लीजिए, क्योंकि हो सकता है पुराना ही छोटा बना हो। इन तीन हिस्सों के अलावा शटर में शाफ्ट, बेयरिंग, ताला, नट बोल्ट और पेंट भी लगता है, तो कॉल पर पूछ लीजिए कि उसमें से क्या उसी गाड़ी पर जा सकता है।
तीन हिस्से, बिकने के तीन तरीके
पट्टी तौल से भी जाती है, रनिंग लंबाई से भी, पीस से भी और बंडल से भी। गाइड चैनल पीस, रनिंग लंबाई या तौल पर जाता है। स्प्रिंग पीस में या सेट में। यानी एक ही शटर का भाव एक ही कॉल में तीन तरह से बन सकता है, और दो कोटेशन तभी मिलाइए जब दोनों एक ही आधार पर खड़े हों। +91 6202 967 218 पर चौड़ाई, ऊँचाई और डिज़ाइन बता दीजिए, पट्टी, गाइड चैनल और स्प्रिंग का हिसाब हम उसी कॉल पर जोड़ देते हैं।
MS ब्लैक लें या GI, और शटर को खड़ा कहाँ होना है
MS ब्लैक सादी पट्टी है और शटर वेल्ड होने के बाद उस पर पेंट या पाउडर कोटिंग होती है। GI वर्कशॉप तक पहुँचने से पहले ही गैल्वनाइज़्ड होकर आता है, इसलिए सड़क, बारिश और बाज़ार की धूल में खुला रहने वाला शटर आम तौर पर इसी में बनता है। HMB दोनों तरफ चलता है, बिना कोटिंग वाला iGrill और गैल्वनाइज़्ड Grill Guard, और जो 20 ft वह छापता है वह उसके ग्रिल और गेट वाले सेक्शन के सामने है, यानी वही स्टॉक लंबाई जिसमें से गाइड चैनल कटता है। शटर पट्टी दरवाज़े की नाप पर कटती है और उसकी कोई स्टॉक लंबाई होती ही नहीं। नया शटर पहले से लगे किसी शटर के बगल में बैठाना हो तो पुराना ही तय कर देता है कि दोनों में से किसमें बनेगा। यही दो नाम बगल के फैब्रिकेशन रैक पर एंगल, फ्लैट और स्क्वायर भी चलाते हैं, और गोदाम में आने वाला हर नाम ब्रांड वाले पेज पर है।
सवाल
आम सवाल
शटर का स्प्रिंग कैसे चुना जाता है?
शटर देखकर, किसी साइज़ नंबर से नहीं। चौड़ाई, ऊँचाई, बने हुए पर्दे का वजन और जिस शाफ्ट पर वह लिपटेगा, सब मिलकर तय करते हैं, इसलिए स्प्रिंग पर्दा नप जाने के बाद तय होती है। ऑर्डर करते समय पुरानी स्प्रिंग या बने हुए पर्दे का वजन साथ ले आइए, हम काउंटर पर ही मिला देंगे।
बना बनाया शटर मिल जाएगा?
यहाँ से माल जाता है। पर्दा रोल करना, गाइड बैठाना और स्प्रिंग चढ़ाना फैब्रिकेशन वर्कशॉप का काम है। वर्कशॉप पहले से आपके काम पर है तो वह खुद नाप लेकर कॉल कर सकता है। अभी कोटेशन ले रहे हैं तो हर एक से पूछिए कि उसमें कौन सी पट्टी और कौन सा गाइड जोड़ा गया है।
शटर पट्टी रनिंग फुट में चलती है या तौल में?
दोनों में, और पीस में भी। तीनों में से उस दिन कौन सा आधार चल रहा है, यह भाव से पहले तय होता है, क्योंकि एक ही शटर इन तीनों पर तीन अलग दिखने वाले नंबर बनाता है। +91 6202 967 218 पर कॉल कीजिए, डिज़ाइन, माल और रनिंग फीट बता दीजिए, आज का रेट उसी आधार पर मिल जाएगा जो आपने माँगा है।
संपर्क
दरवाज़ा नाप कर कॉल कीजिए
शटर का ऑर्डर दो नंबरों से शुरू होता है, खुली चौड़ाई और खुली ऊँचाई, और उनके बिना कुछ पक्का नहीं होता। ये दोनों और डिज़ाइन लेकर कॉल कीजिए, फिर पट्टी, गाइड और स्प्रिंग उसी क्रम में तय होते हैं जिस क्रम में वर्कशॉप शटर बनाता है।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक