स्ट्रक्चरल स्टील
चैनल
C शक्ल वाला स्ट्रक्चरल सेक्शन, हमारे सहरसा गोदाम में बारह नापों में, MC 75x40x4.8 पर 7.14 किलो प्रति मीटर से लेकर MC 400x100x8.8 पर 50.10 तक।
- स्ट्रक्चरल स्टील
- 12 साइज़ लिस्ट में
- 3 ब्रांड स्टॉक में
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
- सातों दिन खुला
चैनल वही C शक्ल का सेक्शन है जिससे शेड का ढाँचा, गोदाम के दरवाज़े की चौखट और लोडिंग प्लेटफॉर्म बनते हैं। Jay Shree Infra इसे अपने सहरसा गोदाम में रखता है, SAIL में, Shyam Metalics में और MC नाम के नीचे, और माल अपनी ही गाड़ियों से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जाता है। चैनल का नाम तीन नंबरों से बनता है: गहराई, फ्लैंज की चौड़ाई और वेब की मोटाई, यानी MC 100x50x5 का मतलब 100 mm गहराई, 50 mm फ्लैंज और 5 mm वेब। उस रैक पर और जो कुछ खड़ा रहता है वह स्ट्रक्चरल स्टील के पेज पर है।
यहाँ एक ही शब्द से दो अलग चीज़ें माँगी जाती हैं, और दोनों के बीच का फासला छोटा नहीं है। कैंची गेट में जो गेट चैनल लगता है वह 20x10 mm का सेक्शन है, छपे हुए हिसाब से एक किलो प्रति मीटर से भी काफी कम। हमारे पास सबसे हल्का MC सेक्शन 7.14 किलो प्रति मीटर का है और सबसे भारी 50.10 का। कॉल की शुरुआत में ही बता दीजिए कि दोनों में से कौन सा चाहिए, एक फेरा बच जाएगा।
साइज़ और वजन
MC चैनल की हर नाप जो हम रखते हैं
चैनल की नाप, और हर एक के सामने प्रति मीटर नॉमिनल वजन।
| सेक्शन | वजन |
|---|---|
| MC 75x40x4.8 | 7.14 kg/m |
| MC 100x50x5 | 9.56 kg/m |
| MC 125x65x5.3 | 13.10 kg/m |
| MC 125x66x6 | 13.70 kg/m |
| MC 150x75x5.7 | 16.80 kg/m |
| MC 150x76x6.5 | 17.70 kg/m |
| MC 175x75x6 | 19.60 kg/m |
| MC 200x75x6.2 | 22.30 kg/m |
| MC 200x76x7.5 | 24.30 kg/m |
| MC 250x82x9 | 34.20 kg/m |
| MC 300x90x7.8 | 36.30 kg/m |
| MC 400x100x8.8 | 50.10 kg/m |
यह कॉलम नाप का नॉमिनल वजन है। इन बारह में से आठ, यानी 75x40, 100x50, 125x65, 150x75, 200x75, 250x82, 300x90 और 400x100, SAIL की अपनी छपी हुई स्ट्रक्चरल सूची में हैं; 125x66, 150x76, 175x75 और 200x76 के लिए लोड बनने से पहले सही सेक्शन हमसे कॉल पर तय कर लीजिए। जो माल गया उसका असली वजन धर्मकांटे से निकलता है।
किस काम में लगता है
इस रैक से सबसे ज़्यादा माल शेड और गोदाम के ढाँचे में जाता है। उसके बाद प्लेटफॉर्म, मशीन के बेस, गोदाम का दरवाज़ा जिस चौखट पर टँगता है, और छत के ट्रस के भारी मेंबर। वर्कशॉप वाले फैब्रिकेटर, शेड का काम करवाने वाले ठेकेदार और ड्रॉइंग पर काम करने वाली प्रोजेक्ट कंपनियाँ, सब इसी ढेर से उठाते हैं, और प्रोजेक्ट वाली खरीद अक्सर एक बार में और टन के हिसाब से होती है।
एक ही शब्द के अंदर वजन सात गुना तक बदल जाता है। MC 75x40x4.8 का एक मीटर 7.14 किलो का है और MC 400x100x8.8 का एक मीटर 50.10 का, इसलिए पूरी मिल लंबाई पर फर्क यह हो जाता है कि एक सेक्शन दो आदमी टेम्पो से उतार लेते हैं और दूसरे के लिए गैंग भी चाहिए और रखने की ठोस जगह भी। सेक्शन, लंबाई और गाड़ी किस जगह खाली होगी, तीनों बता दीजिए। बाकी एस्टिमेट हमारी खरीदारी की गाइड में है, और शेड का हिसाब हम आपके साथ फोन पर ही कर लेंगे।
अकेली गहराई से सेक्शन का नाम नहीं बनता
तीन गहराइयाँ दो-दो बार आती हैं। SAIL की छपी सूची में MC 150x75 है, 16.80 किलो प्रति मीटर, और उसी 150 mm गहराई पर हम एक दूसरा सेक्शन भी रखते हैं, MC 150x76x6.5, 17.70 किलो प्रति मीटर। यही जोड़ी 125 पर भी है और 200 पर भी। फ्लैंज में एक मिलीमीटर का फर्क है और वेब में उससे भी कम, जो दूर से किसी को दिखता नहीं, और टन के हिसाब पर वही फर्क बिल बदल देता है। ड्रॉइंग पर या मिस्त्री की पर्ची पर जो तीन नंबर लिखे हैं, तीनों पढ़ दीजिए।
फ्लैंज तिरछा बैठता है, और बोल्ट को पता चल जाता है
SAIL की छपी टेबल में मीडियम चैनल के फ्लैंज का ढाल 96 डिग्री लिखा है, यानी फ्लैंज का भीतरी तल वेब के समकोण पर नहीं, थोड़ा ढलान लिए हुए रहता है। नतीजा साफ है: पैरेलल फ्लैंज पर प्लेट सीधे बोल्ट हो जाती है, और तिरछे फ्लैंज पर नट के नीचे टेपर्ड वॉशर न लगे तो बोल्ट का शैंक मुड़ जाता है। पहले से मालूम हो तो इसका कोई खर्च नहीं, और छेद हो जाने के बाद पता चले तो पूरा काम अटकता है। सेक्शन के साथ फ्लैंज की मोटाई भी पूछ लीजिए, वह भी पर्ची पर चढ़ जाएगी।
ग्रेड ड्रॉइंग पर लिखा रहता है
SAIL अपने स्ट्रक्चरल ग्रेड IS 2062 E250BR, E300BR, E350BR, E410BR और E450BR के रूप में छापता है, और इनके अलावा मौसम झेलने वाले IS 11587 WR 480A तथा 480B भी दिए जा सकते हैं। मटीरियल का स्टैंडर्ड IS 2062 (Part 1):2025 है। टेंडर वाले काम में ड्रॉइंग, सेक्शन पर रोल किया हुआ निशान और माल के साथ आने वाला सर्टिफिकेट, यही तीन चीज़ें देखिए। SAIL का और क्या माल इस गोदाम से गुज़रता है, यह SAIL के पेज पर लिखा है।
इन नापों का स्टैंडर्ड IS 808 है। +91 6202 967 218 पर फोन करें तो सेक्शन के साथ ग्रेड भी बोल दीजिए, पर्ची पर दोनों चढ़ जाएँगे।
ब्रांड
भारी रैक पर किसका चैनल आता है
किसी एक दिन हर ब्रांड में हर साइज़ खड़ा हो, ऐसा नहीं होता। सेक्शन और ब्रांड एक ही साँस में बता दीजिए, जवाब उसी कॉल पर मिल जाएगा।
काउंटर पर MC के दो मतलब हैं। MC 100x50x5 में यह नाप का नाम है, मीडियम चैनल, और देश की हर मिल इसे ऐसे ही लिखती है। MC हमारे भारी रैक की तीन लाइनों में से एक भी है, SAIL और Shyam Metalics के बगल में। इसलिए अकेला MC चैनल आधा सवाल है। उसके साथ नंबर भी बोलिए, और टेंडर के काम में वही देखिए जो स्टील पर रोल हुआ है और जो टेस्ट सर्टिफिकेट में लिखा है।
स्रोत
चैनल के आँकड़े किन सूचियों से आए हैं
सेक्शन, वजन और ग्रेड के लिए मिल की अपनी छपी हुई टेबलें, और वह सूची जिसमें गेट चैनल की नाप छपी है।
सवाल
चैनल के सवाल
गेट चैनल और यह वाला चैनल एक ही चीज़ है?
नहीं। गेट चैनल 20x10 mm का सेक्शन है, छपे हुए हिसाब से एक किलो प्रति मीटर से भी काफी कम, और वह कैंची गेट में लगता है। हमारे यहाँ MC चैनल MC 75x40x4.8 से शुरू होकर MC 400x100x8.8 तक जाता है। काउंटर पर दोनों को चैनल ही कहा जाता है, इसलिए या तो गेट चैनल बोलिए या MC वाली नाप, फिर कुछ तय करना बाकी नहीं रहता।
सिर्फ 150 का चैनल बोल दें तो चलेगा?
अधूरा रह जाएगा, क्योंकि 150 पर हम दो सेक्शन रखते हैं। MC 150x75x5.7 का वजन 16.80 किलो प्रति मीटर है और MC 150x76x6.5 का 17.70, और टन के हिसाब से ये दो अलग बिल बनते हैं। गहराई के साथ वेब की मोटाई भी बता दीजिए। ड्रॉइंग सामने न हो तो स्पैन कितना है और उस पर क्या बैठ रहा है, यह बता दीजिए।
चैनल में कौन सा ग्रेड लेना चाहिए?
यह ड्रॉइंग और इंजीनियर का फैसला है, दुकान इसे आपके लिए तय नहीं कर सकती। SAIL अपने स्ट्रक्चरल ग्रेड IS 2062 E250BR, E300BR, E350BR, E410BR और E450BR के रूप में छापता है। आपकी ड्रॉइंग में जो लिखा है वही फोन पर बोल दीजिए, और टेंडर वाले काम में साथ में यह भी कि माल के साथ मिल सर्टिफिकेट जाना है या नहीं।
चैनल पूरी लंबाई में ही मिलती है?
यह मिल की लंबाई में आता है। SAIL अपने मीडियम स्ट्रक्चरल मिल और यूनिवर्सल सेक्शन मिल के सेक्शन के लिए सामान्य सप्लाई लंबाई 12 मीटर छापता है, और कहता है कि आपसी सहमति से दूसरी लंबाई भी दी जा सकती है। यहाँ क्या कट सकता है और आपके ढाँचे में एक स्टॉक लंबाई से कितना बचेगा, यह गाड़ी और उतारने की जगह के साथ कॉल पर तय होता है।
12 मीटर चैनल साइट तक कैसे पहुँचेगा?
अपनी गाड़ियों से, और 12 मीटर के सेक्शन पर कौन सी गाड़ी जाएगी यह वजन से पहले लंबाई तय करती है। यहाँ पहुँच का रास्ता और उतारने की जगह वजन जितनी ही मायने रखती है: टेंपो, ट्रैक्टर ट्रॉली या ट्रक, जो साइट झेल सके वही लगती है। सेक्शन, गिनती, गाँव और आख़िरी रास्ता कैसा है, इतना बता दीजिए, उसी कॉल पर उस रूट का भाड़ा बाज़ार भाव पर बता दिया जाएगा। पूरी लंबाई आपकी गली में न मुड़ती हो तो लोड बनने से पहले कह दीजिए, कटाई इसी छोर पर तय होती है।
संपर्क
फ्लैंज का एक मिलीमीटर अलग सेक्शन बना देता है
SAIL अपने मीडियम चैनल के फ्लैंज का ढाल 96 डिग्री लिखता है, इसलिए जो प्लेट पैरेलल फ्लैंज पर सीधी बोल्ट हो जाती है, यहाँ उसके नट के नीचे टेपर्ड वॉशर न लगे तो बोल्ट का शैंक मुड़ जाता है। फोन करते वक्त ड्रॉइंग या मिस्त्री की पर्ची हाथ में रखिए, गहराई, फ्लैंज और वेब जैसे लिखे हैं वैसे ही बोलिए, और यह भी बता दीजिए कि किस पर क्या बोल्ट होना है। छेद होने से पहले यह सब पूछ लेना मुफ्त है।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक