Jay Shree Infra

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सहरसा में MS और GI पाइप

MS का काला पाइप और GI का जस्ता चढ़ा पाइप, गोल, चौकोर और आयताकार, उन्हीं सेक्शन में जिनसे यहाँ शेड और गेट बनते हैं।

  • 2 प्रोडक्ट
  • 6 ब्रांड स्टॉक में
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

Jay Shree Infra के सहरसा गोदाम में MS और GI पाइप रहता है, गोल सेक्शन में भी और चौकोर तथा आयताकार हॉलो सेक्शन में भी। MS काला पाइप है, सादा लोहा, जिस पर कुछ चढ़ा नहीं होता। GI उसी लोहे पर मिल में जस्ता चढ़ा हुआ रूप है। इसी रैक पर Satyam, Tata Pipes और Kamdhenu Pipes रहते हैं और उनके साथ तीन नाम और, और यहाँ से जो माल उठता है वह शेड के खंभे और ट्रस, गेट, ग्रिल, मचान और वर्कशॉप के फ्रेम में लगता है।

इसे लेने वाले इसी इलाके के शेड और गोदाम बनाने वाले फैब्रिकेटर हैं, ग्रिल-गेट की दुकानें, PACS गोदाम उठाने वाले ठेकेदार, और एक गेट बनवाने वाले गृहस्थ। पाइप 6 मीटर लंबाई में चलता है, यानी 12 मीटर के सरिया बंडल से आधी लंबाई। अपनी गाड़ियाँ सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के सभी 34 ब्लॉक तक जाती हैं, और ढलाई तथा शेड साथ-साथ चल रहे हों तो उसी फेरे में सरिया और सीमेंट भी चला जाता है।

ब्रांड

यहाँ मिलने वाले ब्रांड

पाइप के रैक से छह नाम गुज़रते हैं और इनमें किसी पर दुकान की पसंद का ठप्पा नहीं लगा है। हमारी अपनी पहली पसंद सरिया और फैब्रिकेशन के रैक पर है; पाइप में हम उसी नाम से चलते हैं जिसका माल आपके काम वाली सेक्शन और मोटाई में उस दिन खड़ा हो।

लोकल पाइप किसी बनाने वाले का नाम नहीं, बाज़ार का एक दर्जा है: उस वक्त फ्लोर पर जो सेकेंडरी माल हो वही इस लेबल के नीचे बिकता है, न मिल का नाम होता है न टेस्ट सर्टिफिकेट, इसलिए टेंडर का काम किसी पक्की चीज़ पर ऑर्डर होना चाहिए। Baba Ispat और Cognigent भी लेबल हैं, इनके पीछे हम किसी मिल का नाम नहीं जोड़ते। BST Infrasteel स्टील की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन करती है, इसलिए प्रोजेक्ट के काम में बिल चाहे जो कहे, पाइप पर पड़ी मार्किंग पढ़कर बताइए।

सभी ब्रांड

खरीदारी में मदद

ऑर्डर करने से पहले

  • बोर, मोटाई और सेक्शन बता दीजिए

    अकेले बोर से पाइप का ऑर्डर नहीं बनता, और ज़्यादातर कॉल अकेला बोर ही लेकर आती है। यह वही आँकड़ा है जो सब बोलते हैं, एक इंच, दो इंच, और वह नाम भर की साइज़ है: पाइप के बाहर फीता रखकर वह नाप वापस नहीं मिलेगी। मोटाई अलग आँकड़ा है, और यही तय करती है कि सेक्शन उस पर रखा वजन उठाएगा या नहीं। गोल पाइप के लिए IS 1239 लाइट, मीडियम और हैवी क्लास तय करता है, और यहाँ लोग क्लास को अक्षर से बोलते हैं, इसलिए मिस्त्री ने जो लिखकर दिया हो वही बता दीजिए, हम उसे मोटाई से मिला लेंगे। चौकोर और आयताकार सेक्शन भुजा गुणा भुजा गुणा मोटाई में बोले जाते हैं, IS 4923 के तहत।

  • MS लेना है या GI, यह सेक्शन की जगह तय करती है

    MS काला पाइप है। फैब्रिकेशन के बाद प्राइमर और रंग, और शेड के अंदर चदरा के नीचे उससे इतना ही माँगा जाता है। GI पर जस्ता मिल से ही चढ़ा आता है, इसलिए बाउंड्री के गेट पर, सीढ़ी की रेलिंग पर या पानी की लाइन पर वह वही काम करता रहता है जिसके लिए रंग बार-बार करवाना पड़ता है। प्लंबिंग वाला GI अपने आप में अलग ऑर्डर है: पानी के काम में 15, 20 और 25 mm माँगे जाते हैं, और Tata इन्हें 6 मीटर के साथ 3 मीटर लंबाई में भी छापता है। जहाँ नक्शे या इंजीनियर ने दोनों में से एक लिख दिया हो, वहाँ वही चलेगा।

  • छह मीटर, और उसके साथ क्या जाता है

    पाइप की चलन वाली लंबाई 6 मीटर है, और डिलीवरी का हिसाब मात्रा से ज़्यादा यही तय करती है। यह टेम्पो पर चढ़ जाता है, इसलिए दो-तीन पीस का ऑर्डर भी अकेले गाँव की गली तक चला जाता है। एंगल, पट्टी और चौकोर बार उसी गेट के काम के लिए उसी फेरे में जाते हैं, और जहाँ फ्रेम और छत साथ खरीदी जा रही हो वहाँ छत की चदरा, पर्लिन और गर्ट भी। भाड़ा उस रूट के बाज़ार भाव पर लगता है, और कौन सी गाड़ी जाएगी यह पहुँच का रास्ता तय करता है।

सवाल

आम सवाल

सहरसा में पाइप का रेट क्या चल रहा है?

पाइप का रेट बाज़ार के साथ रोज़ बदलता है, इसलिए वह छपकर टिकता नहीं। +91 6202 967 218 पर कॉल कीजिए और सेक्शन, उसके आर-पार की साइज़, मोटाई और कितना चाहिए यह बता दीजिए, उसी कॉल पर उसी पाइप का आज का रेट मिल जाएगा। पाइप पीस से भी जाता है और तौल से भी, इसलिए किसी और के नंबर से मिलाने से पहले पूछ लीजिए कि आपकी लाइन उस दिन किस हिसाब पर चल रही है।

पाइप इंच में माँगें या mm में?

दोनों चलेगा, बस मोटाई साथ में बता दीजिए। इंच में बोर बोलिए या mm में NB, इस काउंटर पर दोनों समझे जाते हैं, और जो आँकड़ा ज़्यादातर लोग छोड़ देते हैं वह मोटाई है। सेक्शन भी बता दीजिए, गोल, चौकोर या आयताकार।

एक ही साइज़ का पाइप अलग-अलग दाम में क्यों मिलता है?

क्योंकि एक ही बोर के दो पाइप की मोटाई अलग-अलग हो सकती है, और जिसकी मोटाई ज़्यादा है उसमें लोहा ज़्यादा है। ढेर में सिरे की तरफ से देखने पर दोनों एक जैसे दिखते हैं। इसीलिए भाव बताने से पहले हम मोटाई और क्लास पूछते हैं, और इसीलिए सिर्फ साइज़ बताने वाले भाव को मोटाई बताने वाले भाव के बराबर नहीं रखा जा सकता।

संपर्क

सेक्शन और मोटाई बताकर कॉल कीजिए

सेक्शन, उसके आर-पार की साइज़ और मोटाई बता दीजिए, बाकी एक कॉल में तय हो जाता है: उस मोटाई में आज सुबह क्या खड़ा है, आज उसका भाव क्या है, और गाड़ी कब निकल सकती है। जिस मोटाई की कमी हो, कॉल पर सबसे पहले वही बात बताई जाती है।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp