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गाइड

रोलिंग शटर का सामान: एक शटर में क्या क्या लगता है

एक रोलिंग शटर छह चीज़ों से बनता है: ऊपर लिपटने वाली पट्टी, दोनों तरफ एक एक गाइड चैनल, पाइप के अंदर बैठी वह स्प्रिंग जो पट्टी का वजन खींचती है, पट्टी के नीचे लगी बॉटम प्लेट, और सबसे ऊपर एक हुड। इन छह में से सिर्फ एक का वजन छपा हुआ है, HMB का अपना 20x10 mm गाइड चैनल सेक्शन, 2 mm मोटाई पर 0.82 kg प्रति मीटर और 3 mm पर 0.86 kg प्रति मीटर; बाकी सब सामने खड़ी खिड़की या दरवाज़े की नाप में काटकर फिट किए जाते हैं।

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  • आंकड़ों की 1 टेबल
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

Jay Shree Infra सहरसा में शटर पट्टी, गाइड चैनल और स्प्रिंग को रोलिंग शटर वाले रैक पर रखता है, और तैयार सामान सुपौल तथा मधेपुरा तक अपनी गाड़ियों से भेजता है। Solar और HMB, काले और गैल्वनाइज़्ड दोनों में, शटर के काम के लिए इस दुकान का स्टॉक हैं; हर साइज़ हर ब्रांड में एक ही दिन नहीं मिलता, और फोन पर पूछने से पता चलता है कि आज क्या खड़ा है।

रोलिंग शटर किसी साइज़ चार्ट से नहीं बिकता, जैसे एंगल की लंबाई बिकती है। पट्टी फ्रेम पर लगे दो गाइड चैनल के बीच ऊपर नीचे चलती है, और लिपटकर एक पाइप पर चढ़ती है जिसके अंदर स्प्रिंग बैठी होती है; स्प्रिंग का काम पट्टी का अपना वजन हाथ या चेन से खींचने वाले हाथ पर से हल्का करना है। बॉटम प्लेट पट्टी के सबसे नीचे का मज़बूत किनारा है जहाँ लॉक बैठता है, और हुड ऊपर लिपटी पट्टी और पाइप को ढककर बारिश और धूल से बचाता है। इन छहों में से हर एक सामने खड़े दरवाज़े की नाप में काटा या चुना जाता है, इसीलिए शटर का ऑर्डर एक साइज़ से नहीं, नाप से शुरू होता है।

सामान की लिस्ट

एक शटर में क्या लगता है, और हर हिस्से की साइज़ किससे तय होती है

रोलिंग शटर के छह हिस्से, हर एक की साइज़ किससे तय होती है, और इनमें से जिस एक का वजन छपा हुआ है वह।

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हिस्सासाइज़ किससे तय होती हैफिनिशवजन प्रति मीटरkg, जहाँ HMB छापता है
Curtain profile (patti)Width of the opening; Plain, Barfi, Round or Flat designMS black and GIछपा नहीं है, नाप में काटकर तोला जाता है
Guide channel, 20x10x2 mmHeight of the opening, one channel each sideMS black and GI0.82
Guide channel, 20x10x3 mmHeight of the opening, heavier gauge each sideMS black and GI0.86
SpringCurtain width, height and weight togetherकॉल पर तयछपा नहीं है, नाप में काटकर तोला जाता है
Bottom plate (lock plate)Width of the curtain, at its bottom edgeकॉल पर तयछपा नहीं है, नाप में काटकर तोला जाता है
Pipe (shaft / barrel)Width of the opening, the roll the curtain and spring sit onकॉल पर तयछपा नहीं है, नाप में काटकर तोला जाता है
Hood (box cover)Width of the opening and the depth of the rolled curtain and shaftकॉल पर तयछपा नहीं है, नाप में काटकर तोला जाता है

ऊपर के गाइड चैनल के आँकड़े HMB अपनी Gate Channel लाइन में छापता है, अलग से किसी रोलिंग शटर गाइड कैटलॉग में नहीं, और चाहे फिनिश MS काली हो या गैल्वनाइज़्ड, वजन एक ही छपता है। यह सेक्शन आपके शटर के फ्रेम की सही ट्रैक है या नहीं, यह कटने से पहले खुलने वाली जगह पर मिलाकर देखना ठीक रहता है, सिर्फ नाम पर भरोसा करके नहीं।

पट्टी, स्प्रिंग, बॉटम प्लेट, पाइप और हुड, इन पाँचों का कहीं कोई छपा हुआ वजन नहीं है, न HMB का न किसी और का। रोलिंग शटर के लिए यह असामान्य नहीं है: हर एक उसी खुलने वाली जगह की नाप में बनता है जिसे वह बंद करता है, इसलिए पहले से तय किया गया वजन ज़्यादातर दरवाज़ों पर गलत बैठेगा।

गाइड चैनल अपवाद इसलिए है क्योंकि HMB यही 20x10 mm सेक्शन कोलैप्सिबल गेट के लिए भी बेचता है, अपने ही नाम से, और वहाँ इसका वजन छापता है। लिस्ट में दो गेज हैं, 2 mm पर 0.82 kg प्रति मीटर और 3 mm पर 0.86 kg प्रति मीटर, और दोनों MS काले और गैल्वनाइज़्ड में एक ही वजन पर मिलते हैं।

यह कैसे जुड़ता है

पट्टी, चैनल, पाइप और स्प्रिंग, जिस क्रम में काम करते हैं

पट्टी एक दूसरे में फँसने वाले टुकड़ों से बनती है, खुलने वाली जगह की चौड़ाई में काटकर जोड़ी जाती है, प्लेन, बर्फी, राउंड या फ्लैट डिज़ाइन में। इसके दोनों किनारे फ्रेम के दोनों तरफ लगे गाइड चैनल के अंदर चलते हैं, जो पट्टी को ऊपर नीचे जाते वक्त सीधा रखता है और हवा से उसे ट्रैक से बाहर होने से रोकता है।

ऊपर, पट्टी एक पाइप पर लिपटती है। उस पाइप के अंदर एक स्प्रिंग बैठी होती है जिसे लगभग पट्टी के अपने वजन के बराबर घुमाया जाता है, ताकि हाथ से, चेन से या गियर से खींचने में स्टील के असली वजन जितनी ताकत न लगे। हुड लिपटी हुई पट्टी और पाइप के ऊपर बैठता है, खुलने वाली जगह के सबसे ऊपर का यह गैप बंद करता है।

कुछ भी कटने से पहले

खुलने वाली जगह से पहले क्या चाहिए

चौड़ाई और ऊँचाई, जिसे ड्रॉप कहा जाता है, यही दो आँकड़े पट्टी की लंबाई, दोनों तरफ के गाइड चैनल की लंबाई, पाइप की लंबाई और हुड की चौड़ाई, चारों एक साथ तय करते हैं। फ्रेम खुलने वाली जगह के अंदर बैठेगा या बाहर, इससे तय होता है कि चैनल और हुड को नंगी दीवार के गैप से कितना ज़्यादा चौड़ा चाहिए।

हाथ की चेन, गियर या मोटर से चलेगा, इससे तय होता है कि स्प्रिंग और पाइप पर कितना भार है और हुड में मोटर बॉक्स के लिए जगह चाहिए या नहीं। यह सब उसी कॉल पर तय होता है जब चौड़ाई और ऊँचाई, दोनों मुख्य आँकड़े, हाथ में आ जाते हैं; ऊपर की लिस्ट वही है जो इनके बाद बनती है।

MS ya GI, Solar ya HMB

सहरसा के दरवाज़े के लिए फिनिश और ब्रांड

जो दुकान या गोदाम का सामने वाला हिस्सा बरसात झेलता है और रोज़ खुलता बंद होता है, वहाँ गैल्वनाइज़्ड ज़्यादा टिकता है; जो शटर पेंट होने वाला है, या ढकी हुई वेरांडा में लगा है, वहाँ MS काफी रहता है। HMB ऊपर की साइज़ दोनों फिनिश में एक ही वजन पर छापता है, तो चुनाव कोटिंग का है, स्टील का नहीं।

Solar भी यही पट्टी, चैनल और स्प्रिंग लाइन अलकनंदा ग्रुप की मिल से लाता है, काले और गैल्वनाइज़्ड दोनों में, और शटर के काम के लिए इस दुकान की दूसरी सालों पुरानी स्टॉक वाली लाइन यही है। जैसे किसी स्ट्रक्चरल सेक्शन का पूरा कैटलॉग छपता है वैसा किसी भी ब्रांड का यहाँ नहीं है; किसी काम को क्या चाहिए, यह खुलने वाली जगह से मिलाकर कॉल पर ही तय होता है, दोनों में से किसी लाइन में।

क्या तय है और क्या नहीं

छह में से एक छपा वजन, और यह सामान्य क्यों है

रोलिंग शटर स्टील की एक सीधी लंबाई से ज़्यादा एक बनी हुई असेंबली के करीब है। इसके छह में से पाँच हिस्सों की कोई साइज़ लिस्ट कहीं नहीं है क्योंकि शटर बनाने वाला हर एक को सामने खड़े दरवाज़े के हिसाब से काटता और जोड़ता है; सिर्फ गाइड चैनल का सेक्शन उस चीज़ से मिलता है जिसका वजन HMB कहीं और छापता है।

IS 6248, मेटल रोलिंग शटर और रोलिंग ग्रिल के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स का मानक, इस सामान को एक श्रेणी के तौर पर तय करता है; यह हर दरवाज़े पर लागू होने वाली एक तय साइज़, गेज या वजन नहीं देता, और यही वजह है कि कोई पेज भी नहीं दे सकता।

स्रोत

HMB का अपना गाइड चैनल आँकड़ा, और सामान के पीछे का मानक

जिस एक आँकड़े पर यह गाइड कोई नंबर दे सकता है वह, और रोलिंग शटर को श्रेणी के तौर पर तय करने वाला इंडियन स्टैंडर्ड।

सवाल

शटर बनाने के सामान के सवाल

पूरा रोलिंग शटर बनाने में क्या क्या लगता है?

छह चीज़ें: ऊपर लिपटने वाली पट्टी, दोनों तरफ एक एक गाइड चैनल, पाइप के अंदर बैठी स्प्रिंग जिस पर पट्टी लिपटती है, पट्टी के नीचे की बॉटम प्लेट, और सबसे ऊपर एक हुड। हर एक कितना लगेगा, यह खुलने वाली जगह की चौड़ाई और ऊँचाई पर तय होता है, तो ऑर्डर तय साइज़ से नहीं, नाप से शुरू होता है।

बॉटम प्लेट अलग से मंगवानी पड़ती है क्या?

यह अलग शेल्फ से नहीं, पट्टी के ऑर्डर के साथ ही आती है। यह पट्टी के सबसे नीचे लगा मज़बूत किनारा है जहाँ लॉक बैठता है, और जिस वक्त पट्टी के टुकड़े जोड़े जाते हैं उसी वक्त इसे पट्टी की चौड़ाई में काटकर लगाया जाता है।

शटर का पाइप या शाफ्ट किस साइज़ का होता है?

यह किसी शेल्फ से तय लंबाई में नहीं बिकता, बल्कि खुलने वाली जगह की चौड़ाई में काटा जाता है, क्योंकि पट्टी और स्प्रिंग दोनों इसी पर बैठते हैं और दोनों उसी चौड़ाई की नाप में बनते हैं। इसकी लंबाई गाइड चैनल और हुड के साथ उसी ऑर्डर में तय होती है।

शटर के ऊपर हुड ज़रूरी है क्या?

यह लिपटी हुई पट्टी और पाइप को ऊपर से ढकता है, बारिश और धूल को कुंडली से दूर रखता है, और सहरसा के ज़्यादातर दुकान और गोदाम के सामने वाले हिस्से में यह लगा मिलता है। इसकी चौड़ाई खुलने वाली जगह से तय होती है और इसकी गहराई इस पर कि पट्टी कितनी अंदर तक लिपटेगी।

गाइड चैनल का वजन कितना होता है, MS और GI में फर्क पड़ता है क्या?

HMB का अपना 20x10 mm गाइड चैनल सेक्शन 2 mm गेज पर 0.82 kg प्रति मीटर और 3 mm पर 0.86 kg प्रति मीटर चलता है, और दोनों आँकड़े एक ही रहते हैं चाहे फिनिश MS काली हो या गैल्वनाइज़्ड। कोटिंग यह तय करती है कि दरवाज़ा बाहर कितना झेलेगा, छपा हुआ वजन नहीं।

पूरे शटर के लिए पहले कौन सी नाप चाहिए?

खुलने वाली जगह की चौड़ाई और उसकी ऊँचाई, जिसे ड्रॉप कहा जाता है। यह दो आँकड़े पट्टी, दोनों गाइड चैनल, पाइप और हुड, सबको एक साथ तय करते हैं, और बाकी सब, फिनिश, चलाने का तरीका और ब्रांड, उसी कॉल पर तय हो जाता है।

ऑर्डर से पहले

खुली चौड़ाई, खुली ऊँचाई, और पुर्ज़ों की लिस्ट

हर एक सामने खड़ी जगह की नाप को ऊपर के छह हिस्सों के ऑर्डर में बदल देता है।

  • खुलने वाली जगह की चौड़ाई और ऊँचाई (ड्रॉप) कितनी है?

    यह दो आँकड़े पट्टी, दोनों गाइड चैनल, पाइप और हुड, चारों एक साथ तय करते हैं; कॉल पर पहले यही बताइए।

  • फ्रेम खुलने वाली जगह के अंदर बैठेगा या बाहर?

    इससे तय होता है कि गाइड चैनल और हुड को नंगी दीवार के गैप से कितना ज़्यादा चौड़ा चाहिए।

  • हाथ की चेन, गियर या मोटर से चलेगा?

    इससे तय होता है कि स्प्रिंग और पाइप पर कितना भार है, और हुड में मोटर बॉक्स की जगह चाहिए या नहीं।

  • MS काला या GI गैल्वनाइज़्ड?

    जो सामने रोज़ मौसम झेलता है वहाँ GI ठीक रहता है; पेंट होने वाले या ढके हुए दरवाज़े में MS काफी है।

  • HMB या Solar?

    HMB का गाइड चैनल वजन ऊपर की टेबल में है; Solar यही हिस्से अलकनंदा मिल से लाता है, यहीं तोलकर और काटकर।

संपर्क

खुलने वाली जगह के दो आँकड़ों से यह ऑर्डर शुरू होता है

चौड़ाई और ऊँचाई पट्टी, गाइड चैनल, पाइप और हुड, चारों एक साथ तय करते हैं, और भार पता चलते ही स्प्रिंग उसके पीछे आ जाती है। +91 6202 967 218 पर यह दो नाप बताइए, फ्रेम अंदर बैठेगा या बाहर, और MS या GI, HMB या Solar, हम बता देंगे कि आज क्या खड़ा है और आपके दरवाज़े की नाप में क्या काटकर फिट होगा।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp