Jay Shree Infra

रोलिंग शटर

शटर स्प्रिंग

वह स्प्रिंग जो रोलिंग शटर के पर्दे का वजन सँभालता है, और जिस शटर को उठाना है उसी के हिसाब से चुना जाता है।

  • रोलिंग शटर
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

शटर स्प्रिंग वही चीज़ है जिससे रोलिंग शटर उठने लायक बनता है। यह उसी शाफ्ट पर बैठता है जिस पर पर्दा लिपटता है, शटर नीचे आते समय कसता जाता है, और कोई उसे ऊपर खींचे तो वही घुमाव वापस दे देता है। Jay Shree Infra इसे सहरसा गोदाम में शटर पट्टी और गाइड चैनल के बगल में रखता है, और सहरसा, सुपौल और मधेपुरा की वर्कशॉप एक ही बिल पर पूरे दरवाज़े का सामान उठा ले जाती हैं।

स्प्रिंग चुनने से पहले पाँच चीज़ें मालूम होनी चाहिए: दरवाज़े की खुली चौड़ाई, खुली ऊँचाई, पर्दे का वजन, जिस बैरल या शाफ्ट पर वह लिपटेगा उसका व्यास, और शटर कितनी बार चलेगा। इनमें से सिर्फ एक चीज़ दरवाज़ा है। इसलिए रोलिंग शटर रैक के तीनों हिस्सों में स्प्रिंग सबसे बाद में तय होता है, और एक ही नाप के दो दरवाज़े अलग अलग स्प्रिंग माँग सकते हैं, क्योंकि भारी पट्टी का पर्दा भी भारी बनता है।

साइज़

स्प्रिंग किन नापों से बताया जाता है, और इस पर चार्ट क्यों नहीं है

स्प्रिंग की पहचान इन नापों से होती है: कुंडली का बाहरी व्यास, जिस तार से वह लपेटा गया है उसका व्यास, घुमावों की गिनती या उसकी खुली लंबाई, और जितने भार के लिए वह बना है। इनमें से किसी का भी कोई छपा हुआ आँकड़ा शटर स्प्रिंग के नाम से नहीं मिलता। हम इसे उस पर्दे के हिसाब से नापते हैं जिसे उठाना है, और नाप उसी टुकड़े से दर्ज करते हैं।

इस रैक पर बगल के दोनों हिस्से नाम के साथ आते हैं, Solar और HMB। स्प्रिंग किसी नाम के साथ नहीं आता: इसकी कोई सप्लायर कैटलॉग आज तक इस काउंटर तक नहीं पहुँची, और कोई छपी हुई तकनीकी रेंज भी कहीं नहीं मिलती। किसी दिन फ्लोर पर क्या खड़ा है, यह एक फोन कॉल है।

किस काम में लगता है

बाज़ार की दुकान का शटर, अनाज गोदाम का दरवाज़ा, फैक्ट्री का गेट, गैराज का शटर। खरीदने वाला फैब्रिकेशन वर्कशॉप होता है, छोटा हो या बड़ा, या फिर ठेकेदार या प्रोजेक्ट वाली कंपनी। स्प्रिंग पर्दा वेल्ड होकर टँगने के बाद चढ़ता है, इसलिए लगाता वर्कशॉप है और सही बैठा या नहीं, यह दुकानदार को बाद में पता चलता है।

शटर कितनी बार चलेगा, यह उसकी नाप जितना ही मायने रखता है। दिन में दो बार उठने वाला दुकान का शटर और महीने में दो चार बार खुलने वाला गोदाम का दरवाज़ा एक ही स्प्रिंग से अलग अलग काम माँगते हैं।

  • शटर संतुलन पर चलता है

    रोलिंग शटर उठाया नहीं जाता, संतुलित किया जाता है। पर्दे का ज़्यादातर वजन स्प्रिंग सँभालता है, हाथ को बस उसे हिलाना होता है। संतुलन एक तरफ बिगड़े तो पर्दा ऊपर जाते समय अटकता है, दूसरी तरफ बिगड़े तो अपने आप नीचे भागता है। इस हिस्से का पूरा काम इतना ही है, और इसीलिए स्प्रिंग पर्दे के वजन से तय होता है, अकेले दरवाज़े की चौड़ाई से कभी नहीं।

  • स्प्रिंग के स्टील पर क्या छपा है, और क्या नहीं

    जिस तार से मैकेनिकल स्प्रिंग लपेटा जाता है, उसका अपना भारतीय मानक है, IS 4454 (Part 1):2001, कोल्ड ड्रॉन अनअलॉयड स्टील तार के लिए। BIS की अपनी प्रोडक्ट मैनुअल इस मानक के लाइसेंस के दायरे में 1.40 mm से 10.00 mm तक का तार रखती है। यानी जिस व्यास से स्प्रिंग तय होता है, वह एक छपी हुई रेंज के भीतर बैठता है, चाहे स्प्रिंग का अपना कोई चार्ट कहीं न हो।

    किसी एक स्प्रिंग में क्या लिपटा है, यह अलग सवाल है, और इस रैक पर पड़े स्प्रिंगों के लिए इस दुकान को आज तक न कोई ग्रेड, न तार का व्यास, न कोई टेस्ट सर्टिफिकेट दिया गया है। बने हुए शटर का भी अपना मानक है, IS 6248:1979, जिसके सर्टिफिकेशन को BIS स्वैच्छिक बताता है। यानी तार का मानक उस माल की बात करता है जिससे स्प्रिंग बन सकता है, और शटर का मानक उस चीज़ की जिसके अंदर वह जाकर बैठता है, स्प्रिंग का अपना कोई सर्टिफिकेट कोई भी नहीं है।

स्रोत

एक मानक शटर का, एक तार का

दोनों BIS के अपने पेजों से पढ़े गए हैं, किसी बाज़ारू टेबल से कुछ नहीं उठाया गया।

सवाल

स्प्रिंग के सवाल

शटर ऊपर खींचते वक्त भारी लगता है, क्या स्प्रिंग बदलना पड़ेगा?

बहुत हद तक हाँ, पर पक्का कहने से पहले शटर देखना पड़ेगा। भारी खिंचाव का मतलब यही होता है कि स्प्रिंग अपना काम नहीं कर रहा। उसे वर्कशॉप में शाफ्ट से उतरवाइए, क्योंकि कसे हुए स्प्रिंग को खोलना वर्कशॉप का काम है।

पुराना स्प्रिंग साथ लाएँ या नाप भेज दें?

उतर चुका हो तो साथ ले आइए। कुंडली का व्यास, तार और घुमावों की गिनती, तीनों काउंटर पर उसी हिस्से से पढ़ ली जाती हैं, और यह फोन पर दिए गए किसी भी ब्योरे से बेहतर है। शटर अभी टँगा हो तो वर्कशॉप की नाप से काम चल जाएगा, साथ में यह भी बता दीजिए कि पर्दा किस चीज़ का बना है, क्योंकि वही वजन स्प्रिंग को सँभालना है।

स्प्रिंग पीस में मिलता है या सेट में?

दोनों में मिलता है, पीस भी और सेट भी, दोनों के साथ किलो और रनिंग लंबाई भी। सेट में क्या क्या आता है, यह सप्लायर का अपना इंतज़ाम है और एक से दूसरे में बदलता रहता है, इसलिए कॉल पर पूछ लीजिए कि यहाँ खड़े सेट में क्या है। कोई भी आँकड़ा लेने से पहले आधार तय कर लीजिए, वरना दो कोटेशन आपस में नहीं मिलेंगे। +91 6202 967 218 पर कॉल कीजिए और बता दीजिए कि जवाब किस आधार पर चाहिए।

शटर स्प्रिंग पर कोई मानक या ISI मार्क चलता है?

ऐसा कुछ नहीं जो हम आपको दिखा सकें। स्प्रिंग के तार का अपना भारतीय मानक है, IS 4454 (Part 1):2001, और बने हुए शटर के मानक के सर्टिफिकेशन को BIS स्वैच्छिक बताता है। इनमें से कोई भी बंडल में पड़े स्प्रिंग का कागज़ नहीं है। इस दुकान को किसी स्प्रिंग के लिए न ग्रेड, न लाइसेंस, न टेस्ट सर्टिफिकेट दिया गया है, इसलिए यहाँ ऐसा कोई दावा नहीं किया जाता।

संपर्क

पर्दा बनने के बाद ही स्प्रिंग तय होता है

इसके ऑर्डर में शटर की चौड़ाई और ऊँचाई, भार, स्प्रिंग साइज़ और गिनती चाहिए। भार और स्प्रिंग साइज़ वर्कशॉप के हिस्से हैं, क्योंकि दोनों उसी पर्दे से निकलते हैं जो उसने बनाया है। इसलिए पर्दा शाफ्ट पर चढ़ जाने के बाद कॉल कीजिए, या वर्कशॉप के आँकड़े लेकर तब कीजिए जब वह अभी बेंच पर हो। जब तक पट्टियाँ गिनी और टँगी नहीं, वह वजन किसी के पास नहीं होता जिस पर पूरा सवाल टिका है।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp