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गाइड

बाइंडिंग तार: गेज और कितना लगेगा

सरिया का जाल बाँधने वाला तार एनील्ड होना चाहिए और कम से कम 0.90 mm मोटा, और 0.91 mm के एक किलो तार में करीब 196 मीटर आता है।

  • गाइड
  • आंकड़ों की 1 टेबल
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

यह हद IS 2502 के क्लॉज़ 7.2 से आती है, जो कंक्रीट के सरिया को मोड़ने और बाँधने का भारतीय मानक कोड है, और एक दूसरे को काटती छड़ों पर IS 280 वाला एनील्ड तार 0.90 mm या उससे मोटा माँगता है। Tata Steel अपने Tata Wiron नाम से बाइंडिंग तार पाँच व्यास में बेचती है, 0.61, 0.71, 0.89, 0.91 और 1.22 mm, और इन पाँच में से तीन उसी आँकड़े से नीचे बैठते हैं जो कोड माँगता है। Jay Shree Infra सहरसा गोदाम में तार रखता है, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के लिए, और कुंडली जाल के लायक है या नहीं यह पैक पर छपा मिलीमीटर तय करता है। काउंटर पर गेज बोला जाता है और छपे हुए हर स्रोत का नंबर मिलीमीटर में है, और वह पूरी बात, इस तार की फिनिश, कुंडली पर पड़े निशान और ISI मार्क के साथ, बाइंडिंग तार के पेज पर हैं।

कितना लगेगा, यह हिस्सा ज़्यादा मुश्किल है, और इसे कोई मानक तय नहीं करता। एक टन सरिया अपने आप में तार की मात्रा नहीं बताता: 8 mm में एक टन करीब 211 छड़ें बैठती हैं 12 मीटर की, और 32 mm में करीब 13, इसलिए एक ही टन से बनने वाला जाल और उसके जोड़ व्यास के साथ पूरी तरह बदल जाते हैं। काम में जितना तार जाता है वह जोड़ों के पीछे चलता है, और नीचे की टेबल कुंडली को उसी इकाई में बदल देती है जिस पर यह हिसाब बंद होता है, एक किलो में कितने मीटर।

टेबल

एक किलो तार में कितना आता है, व्यास के हिसाब से

बाइंडिंग तार के वे पाँच व्यास जो Tata Steel छापती है, हर एक के 100 मीटर का वजन, और एक किलो में कितने मीटर आते हैं।

सारे कॉलम देखने के लिए टेबल को दाएँ बाएँ स्क्रॉल कीजिए

तार का व्यास100 मीटरkgएक किलो में मीटरकरीब
0.61 mm0.229436
0.71 mm0.311322
0.89 mm0.488205
0.91 mm0.511196
1.22 mm0.918109

वजन गोल तार के क्षेत्रफल को स्टील की डेंसिटी पर निकाला गया है, 0.00785 kg प्रति वर्ग मिलीमीटर काट प्रति मीटर, यानी वही आधार जो IS 1786 सरिया के लिए रखता है और जिस पर सरिया वजन चार्ट भी चलता है। IS 280 इन व्यासों के लिए वजन की कोई टेबल नहीं छापता, इसलिए ऊपर के आँकड़े इसी हिसाब से सीधे निकाले गए हैं। व्यास वही पाँच हैं जो Tata Steel बाइंडिंग तार के लिए गिनाती है। इनमें से तीन, 0.61, 0.71 और 0.89 mm, उस 0.90 mm से नीचे हैं जो IS 2502 काटती छड़ों पर माँगता है, और 0.89 mm सौवें हिस्से भर से नीचे है।

कितना लगेगा

तार कितना जाएगा, यह तीन नंबर तय करते हैं

तीनों में से एक ही टेबल में मिलता है: एक किलो में कितने मीटर, वह ऊपर है। कितने जोड़ बाँधने हैं, वह स्ट्रक्चरल ड्रॉइंग का हिसाब है: छड़ों की दूरी जोड़ बनाती है और जोड़ बंधन गिनाते हैं। एक बंधन में कितना तार जाता है, वह बाँधने वाले के हाथ की बात है, और उसे जानने का सीधा तरीका यही है कि पहले से बँधे जाल पर से एक पूरा बंधन काटकर नाप लिया जाए।

IS 2502 हर जोड़ बाँधने को नहीं कहता। वह इतना कहता है कि काटती छड़ें ऐसे बँधी हों कि जाल बिठाते और ढलाई करते वक्त वे खिसकें नहीं, और दबाव वाली छड़ों पर वह समकोण पर दो दिशाओं में बंधन माँगता है। रिंगों को आगे पीछे करके बाँधने की छूट भी वही देता है। यानी कितने बंधन पड़ेंगे यह साइट पर, कोड के भीतर रहकर, तय होता है, और इसीलिए कोई भी एक टन स्टील के सामने एक किलो का आँकड़ा रखकर उसे सच नहीं कह सकता।

टन का अपना काम फिर भी है, क्योंकि लोड उसी पर बुक होता है। व्यास, लंबाई और उनका वजन सरिया वजन चार्ट पर निकाले गए हैं, और उन छड़ों से बनने वाले जाल को बाँधना ही तय करता है कि कितना तार लगेगा। वही तार एक बार और आता है, कोड के क्लॉज़ 7.3 में, जो कवर ब्लॉक के अंदर बाइंडिंग तार गाड़कर ढालने की छूट देता है, यानी कुंडली के कुछ मीटर किसी जोड़ तक पहुँचते ही नहीं।

माल किस शक्ल में आता है, और एक पैक का वजन कितना

Tata Steel अपना बाइंडिंग तार 30 kg के पैक में गिनाती है। तार यहाँ किलो से, कुंडली से और बंडल से बिकता है, और कुंडली का वजन कहीं तय नहीं है: वह उसी पैक के साथ आता है। इसलिए पैक बदलने पर जो इकाई टिकी रहती है वह किलो है, और ऊपर वाला मीटर का कॉलम आपके बंधनों को उन्हीं किलो में बदल देता है।

हर व्यास हर ब्रांड में एक ही दिन नहीं मिलता। मिलीमीटर और किलो, दोनों एक ही कॉल पर बता दीजिए, तार उसी गाड़ी पर चला जाएगा जो सरिया लेकर आपके ब्लॉक तक जा रही है।

स्रोत

कोड, उसका रिकॉर्ड, और बनाने वाले के अपने व्यास

0.90 mm IS 2502 के 1963 वाले पाठ का क्लॉज़ 7.2 है। उस मानक के लिए BIS का अपना रिकॉर्ड कोई संशोधन दर्ज नहीं करता और उसकी जगह कोई दूसरा मानक भी नहीं आया, इसलिए आँकड़ा जैसा छपा है वैसा ही चल रहा है।

सवाल

तार के गेज और मात्रा के सवाल

एक टन सरिया में कितना तार लगेगा?

हर टन पर एक ही नंबर नहीं बैठता, और वजह व्यास हैं। 8 mm में एक टन करीब 211 छड़ें हैं 12 मीटर की और 32 mm में करीब 13, इसलिए एक टन से बनने वाला जाल साइज़ के साथ पूरी तरह बदल जाता है। हिसाब उल्टी तरफ से लगाइए: ड्रॉइंग से जोड़ गिनिए, एक बँधा हुआ बंधन काटकर नापिए, फिर ऊपर की टेबल से एक किलो के मीटर पढ़ लीजिए।

मिस्त्री गेज बोलता है, आप मिलीमीटर क्यों पूछते हैं?

क्योंकि हर छपे हुए स्रोत में नंबर मिलीमीटर का है और गेज का नहीं। IS 280 तार के व्यास मिलीमीटर में रखता है, IS 2502 अपनी 0.90 mm की हद मिलीमीटर में लिखता है, और Tata Steel पैक पर मिलीमीटर छापती है। आपको गेज बताया गया है तो वही बता दीजिए, मिलीमीटर हम यहाँ खड़ी कुंडली से पढ़ लेंगे।

0.89 mm का तार जाल बाँधने में चलेगा?

जाल में काटती छड़ों के लिए कोड 0.90 mm या उससे ऊपर माँगता है, इसलिए 0.89 mm उससे सौवें हिस्से भर से नीचे रह जाता है। Tata Steel 0.89 mm का बाइंडिंग तार छापती भी है, और IS 280 जनरल इंजीनियरिंग के माइल्ड स्टील तार को ढकता है, यानी पतले तार के लिए जाल के अलावा बहुत काम हैं। जो व्यास चाहिए वह माँगिए और बता दीजिए कि वह किस काम में जा रहा है।

एक किलो तार में कितना मीटर आता है?

0.91 mm पर करीब 196 मीटर और 1.22 mm पर करीब 109 मीटर। पतले वाले ज़्यादा देते हैं: 0.89 mm पर करीब 205 मीटर, 0.71 mm पर 322 और 0.61 mm पर 436। हर आँकड़ा एक ही हिसाब से निकला है, तार का क्षेत्रफल स्टील की डेंसिटी पर, इसलिए काउंटर के कैलकुलेटर पर भी वही जवाब आएगा जो ऊपर की टेबल में है।

ऑर्डर से पहले

जिन बातों का जवाब कुंडली पर नहीं है

  • जो कुंडली खड़ी है उस पर मिलीमीटर कितना लिखा है?

    वह पैक पर छपा रहता है और दोनों मानक उसी को चलाते हैं। अकेला गेज का नंबर यह तय नहीं करता कि आपको कौन सा तार मिल रहा है।

  • वह व्यास 0.90 mm या उससे ऊपर है क्या?

    जाल में काटती छड़ों को बाँधने के लिए IS 2502 यही हद रखता है। उसी IS 280 के नीचे उससे पतला तार जनरल इंजीनियरिंग का तार है, जिसके अपने काम हैं।

  • एक पैक का वजन कितना है, और क्या वह खोला जा सकता है?

    Tata Steel 30 kg के पैक गिनाती है। उस सुबह पैक तोड़ा जा सकता है या नहीं, यह काउंटर का सवाल है, और जवाब इस पर बदलता है कि माल क्या आया हुआ है।

  • सरिया के ऑर्डर के साथ कितने किलो चढ़वाने चाहिए?

    किलो जोड़ों की गिनती और बंधन की लंबाई पर टिकते हैं, यह दोनों आपकी ड्रॉइंग और आपके मिस्त्री के हाथ से तय होते हैं। दोनों लेकर आइए, किलो ऊपर की टेबल से खुद निकल आएँगे।

संपर्क

मिलीमीटर और जोड़ों की गिनती लेकर फोन कीजिए

व्यास पैक पर छपा है और जोड़ आपकी ड्रॉइंग पर हैं, और इन दोनों के बीच किलो अपने आप निकल आते हैं। Tata Steel 30 kg का पैक गिनाता है; कुंडली का वजन उसी पैक के साथ आता है जिसमें वह आई है, इसलिए वह आख़िरी आँकड़ा हम कॉल पर शेल्फ देखकर बताते हैं। जोड़ गिन लीजिए, जाल से एक बँधा हुआ तार काटकर नाप लीजिए, फिर +91 6202 967 218 पर कॉल कीजिए और किलो उन्हीं के सामने बैठ जाते हैं।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp