गाइड
सुपौल और मधेपुरा तक सरिया और सीमेंट की डिलीवरी
सरिया और सीमेंट सुपौल और मधेपुरा के हर ब्लॉक तक Jay Shree Infra के सहरसा गोदाम से पहुँचते हैं, एक साथ लदे हुए, हमारी अपनी गाड़ियों पर, लोड के हिसाब से टेम्पो, ट्रैक्टर या ट्रक, और ढुलाई उस रूट के बाज़ार भाव पर। माल, गाड़ी और रेट, तीनों एक ही कॉल के खत्म होने से पहले तय हो जाते हैं।
- गाइड
- आंकड़ों की 1 टेबल
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
- सातों दिन खुला
त्रिवेणीगंज, मुरलीगंज या इनके पीछे के किसी गाँव में उठता मकान अपनी पूरी ढलाई सहरसा से मँगवाकर साइट पर उतरवा सकता है। सरिया रैक पर हमारी पहली पसंद SAIL का सरिया, और सीमेंट रैक से UltraTech, ACC, Ambuja और Nuvoco की बोरियाँ, जहाँ ऑर्डर में दोनों हों वहाँ एक ही गाड़ी पर निकलते हैं, बिल Meera Talkies Road के एक ही काउंटर से। एंगल, चदरा और पाइप भी उन्हीं फेरों पर चलते हैं, इसलिए सुपौल मधेपुरा में सरिया सीमेंट डिलीवरी से लेकर पूरे बिल्डिंग मटीरियल तक, लिस्ट में जो भी हो, बात एक ही कॉल की है।
सुपौल सहरसा के ठीक उत्तर में है, ज़िले की अपनी प्रोफाइल उसकी दक्षिणी सीमा पर सहरसा का नाम लिखती है, और मधेपुरा पूरब की तरफ पड़ता है, इसलिए दोनों में से किसी का भी लोड अपने ज़िले से निकलकर सीधे अगले में उतरता है। दोनों ज़िलों के अपने पेज, सुपौल और मधेपुरा, ब्लॉक की चिप और वहाँ के खरीदार जो मँगाते हैं वह बताते हैं; लोडिंग यार्ड की तरफ की बात, क्या साथ चढ़ता है, क्या कटता है और कौन सी गली कौन सी गाड़ी लेती है, नीचे है।
एक गाड़ी
एक ही ढुलाई पर क्या क्या साथ चढ़ता है
ढलाई का ऑर्डर एक लोड बनकर चलता है: सरिया के बंडल गाड़ी की लंबाई में, सीमेंट की बोरियाँ उनके बगल में, और स्लैब को हमेशा चाहिए छोटा सामान, तार और कवर ब्लॉक, उसी फेरे में। रूट एक, ढुलाई एक: किराया फेरे का बैठता है, सामान गिनकर नहीं, इसलिए एक चरण की पूरी लिस्ट साथ चलने पर वही माल दो बार मँगाने से सस्ता पहुँचता है। शेड का ऑर्डर भी इसी तरह बनता है, पाइप, चदरा और पर्लिन एक ही गाड़ी पर।
तीनों में से कौन सी गाड़ी जाएगी यह कुल वज़न और सड़क से तय होता है, और टेम्पो, पिकअप और ट्रक शब्दों के पीछे की रेटेड तौल मेकर के अपने आँकड़ों के साथ गाड़ी लोड गाइड पर दी है। दिन भर के काम की छोटी लिस्ट टेम्पो ले जाता है, पूरे मकान का ऑर्डर ट्रक, और 12 मीटर का रॉड जिस पर भी चढ़े, बाँधकर, गाड़ी के पीछे झूलता हुआ चलता है।
दोनों ज़िले
दो ज़िलों के बीच चौबीस ब्लॉक
सुपौल के ग्यारहों ब्लॉक नियमित फेरे पर हैं: सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़ भपटियाही, पिपरा, त्रिवेणीगंज, राघोपुर, छातापुर, निर्मली, मरौना, बसंतपुर और प्रतापगंज, वही ग्यारह जो ज़िले का अपना पेज उसके चार अनुमंडलों के नीचे रखता है।
मधेपुरा के तेरह उनके बगल में खड़े हैं: मधेपुरा, सिंहेश्वर, मुरलीगंज, गम्हरिया, घैलाढ़, कुमारखंड, शंकरपुर, चौसा, पुरैनी, ग्वालपाड़ा, बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज और आलमनगर, ज़िले की सरकारी गिनती पर दो अनुमंडल और तेरह ब्लॉक। ब्लॉक का नाम लोड को सहरसा से निकलने वाली सही सड़क भर पर रखता है; सही दरवाज़े तक उसे गाँव और उसके पास का बाज़ार पहुँचाते हैं, क्योंकि गाड़ी को आख़िरी किलोमीटर चुनता है, ब्लॉक कभी नहीं।
दोनों ज़िले, उनकी अपनी गिनती पर
हर ज़िला जैसा उसकी अपनी वेबसाइट गिनती है, और गिनती का हर ब्लॉक डिलीवरी के रूट पर है।
सारे कॉलम देखने के लिए टेबल को दाएँ बाएँ स्क्रॉल कीजिए
| ज़िला | सब डिविज़न | ब्लॉक |
|---|---|---|
| Supaul | 4 | 11 |
| Madhepura | 2 | 13 |
गिनती दोनों ज़िलों की वेबसाइट से। सहरसा के अपने दस ब्लॉक जोड़ लीजिए तो पूरा रूट 34 ब्लॉक का बनता है।
सँकरी गलियाँ
फँसे ट्रक से बेहतर है गोदाम पर कटाई
दोनों ज़िलों की गाँव वाली गलियाँ ट्रक से सँकरी पड़ती हैं, और जो गली ट्रैक्टर झेल जाती है उसमें भी कोई मोड़ ऐसा हो सकता है जिसे पीछे झूलता पूरा 12 मीटर का रॉड घूमकर पार नहीं कर पाता। यह बात यार्ड पर तय होती है, मोड़ पर कभी नहीं: जहाँ हद गली तय करती है वहाँ रॉड या सेक्शन आपके बताए नाप पर निकलने से पहले ही काट दिया जाता है, और छोटे टुकड़े ट्रैक्टर या टेम्पो अंदर तक पहुँचा देता है।
सीमेंट आसान है: गली छोटी गाड़ी माँगे तो बोरियाँ बस उसी पर सरक जाती हैं। कॉल पर काम की बात गली खुद है, ट्रक भर चौड़ी, सिर्फ ट्रैक्टर या सिर्फ टेम्पो, और आख़िरी हिस्सा पक्का है या कच्चा, क्योंकि गाड़ी को चौड़ाई जितना ही सतह भी चुनती है। ढुलाई उसी रूट के बाज़ार भाव पर बैठती है जिस पर गाड़ी सच में दौड़ती है, और वह माल के साथ ही सुनाई जाती है, पहुँचा हुआ एक आँकड़ा बनकर।
स्रोत
दोनों ज़िले, अपने अपने सरकारी पेज पर
ऊपर की ब्लॉक और अनुमंडल गिनती हर ज़िला प्रशासन की अपनी है, उसकी nic.in साइट पर छपी हुई।
सवाल
सुपौल मधेपुरा डिलीवरी के सवाल
सुपौल में सरिया सीमेंट की डिलीवरी सहरसा से कैसे होगी?
+91 6202 967 218 पर एक कॉल या व्हाट्सएप मैसेज से: माल उसके साइज़ और ग्रेड के साथ, कितना चाहिए, और ब्लॉक तथा गाँव बोल दीजिए। स्टॉक, उस दिन का रेट और उस रूट की ढुलाई उसी कॉल पर लौटकर आ जाते हैं, और हमारी अपनी गाड़ी, लोड के हिसाब से टेम्पो, ट्रैक्टर या ट्रक, माल साइट तक पहुँचा देती है।
आलमनगर या चौसा जैसे दूर के ब्लॉक तक भी माल जाएगा?
हाँ। मधेपुरा के तेरहों और सुपौल के ग्यारहों ब्लॉक नियमित फेरे पर हैं, आलमनगर और चौसा समेत। ब्लॉक सिर्फ सहरसा से निकलने की सड़क तय करता है; गाँव भी बोलिए, और वह जिस गली पर बैठा है वह भी, तो गाड़ी उसी आख़िरी हिस्से के हिसाब से चुनी जाती है।
ढलाई का सरिया, सीमेंट और तार एक साथ मँगवाना ठीक रहेगा?
हाँ, और यही सस्ता तरीका है: पूरी लिस्ट एक गाड़ी पर चलती है और रूट की ढुलाई एक बार लगती है। सरिया के बंडल, सीमेंट की बोरियाँ, तार और कवर ब्लॉक सहरसा गोदाम पर साथ चढ़ते हैं, इसलिए स्लैब का माल तीन खेप की जगह एक डिलीवरी बनकर उतरता है।
हमारे गाँव की गली में ट्रक नहीं आता, फिर सरिया कैसे पहुँचेगा?
छोटी गाड़ी पर, या कटकर। ट्रैक्टर ट्रॉली उन गलियों में मुड़ जाती है जहाँ ट्रक नहीं मुड़ पाता, और जहाँ पूरा 12 मीटर का रॉड भी मोड़ों से नहीं घूम पाता, वहाँ रॉड लदने से पहले गोदाम पर आपके बताए नाप में काट दिया जाता है। +91 6202 967 218 पर गली का हाल बता दीजिए, लोड उसी के हिसाब से बनता है।
सुपौल या मधेपुरा तक की ढुलाई किस हिसाब से लगती है?
गाड़ी जिस रूट पर सच में दौड़ती है उसके बाज़ार भाव पर, और वह माल के साथ उसी कॉल पर सुना दी जाती है, यानी आपको पहुँचा हुआ एक आँकड़ा मिलता है। यह रूट और मौसम के साथ घटती बढ़ती है, इसीलिए हर बार ताज़ा बोली जाती है, किसी बँधे चार्ट से नहीं।
गाड़ी निकलने से पहले
सुपौल या मधेपुरा का फेरा किन बातों से बैठता है
चार जवाब, और लोड पहली बार में ही सही बनता है।
कौन सा ब्लॉक, कौन सा गाँव, और पास का बाज़ार कौन सा?
ब्लॉक लोड को सहरसा से निकलने वाली सही सड़क पर रखता है; गाँव और उसका बाज़ार उसे सही दरवाज़े तक ले जाते हैं।
आख़िरी रास्ते पर कौन सी गाड़ी घुस पाएगी?
ट्रक भर चौड़ी, सिर्फ ट्रैक्टर या सिर्फ टेम्पो: कॉल पर बोल दिया तो जो गाड़ी निकलती है वही पहुँचती भी है।
इस चरण का पूरा सामान एक साथ लिखवा देंगे?
जुड़े हुए लोड पर रूट की ढुलाई एक बार लगती है, इसलिए मिस्त्री की पूरी लिस्ट एक ही कॉल पर बोलना ही माल पहुँचाने का सस्ता तरीका है।
सरिया पूरा 12 मीटर जाएगा या नाप पर कटा हुआ?
पूरी लंबाई गाड़ी के पीछे झूलती है और मोड़ों पर घूमने की जगह माँगती है; गोदाम पर कटकर वह छोटी गाड़ी के अंदर बैठ जाती है।
संपर्क
ज़िले दो, लोडिंग यार्ड एक
ब्लॉक, गाँव और गली बोल दीजिए, और सरिया, सीमेंट और गाड़ी तीनों +91 6202 967 218 की उसी एक कॉल पर बैठ जाते हैं। लोड हमारे अपने यार्ड से हमारे अपने पहियों पर निकलता है, और फोन पर जो आँकड़ा सुनते हैं, माल और ढुलाई मिलाकर, माल उसी पर उतरता है।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक