Jay Shree Infra

सीमेंट

OPC सीमेंट (ऑर्डिनरी पोर्टलैंड)

OPC सादा पोर्टलैंड सीमेंट है, क्लिंकर और जिप्सम पीसकर बना, इसमें कुछ और मिलाया नहीं जाता, और इस नाम से बिकने वाली बोरी को IS 269:2015 पर खरा उतरना होता है।

  • सीमेंट
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

Jay Shree Infra अपने सहरसा गोदाम में OPC सीमेंट की बोरी रखता है, RCC के काम के लिए, नींव, स्तंभ और उन स्लैब के लिए जिन्हें जल्दी एक तय मज़बूती चाहिए। यह हमारी अपनी गाड़ियों से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जाता है, बोरी में भी और टन में भी, PPC की बोरियों और सीमेंट के रैक की बाकी बोरियों के साथ।

IS 269:2015 के तहत OPC के पाँच ग्रेड आते हैं: 33, 43, 53, 43S और 53S, और आख़िरी दोनों रेलवे के कंक्रीट स्लीपर के लिए बने हैं, घर की स्लैब के लिए नहीं। हमारे रैक पर हर बनाने वाला पूरे पाँचों नहीं बेचता: UltraTech अपने OPC वाले पेज पर चार नाम गिनाता है, 33, 43, 53 और 53-S, और 43S छोड़ देता है। बोरी असल में क्या पूरा करती है, यह उसी पर छपा रहता है, और यही कॉल पर पढ़कर बताया जाता है।

ग्रेड

साइज़ चार्ट की जगह ग्रेड की लिस्ट

सीमेंट का कोई नाप वाला चार्ट नहीं होता, जैसा रॉड या एंगल का होता है। बोरी-बोरी जो बदलता है वह है सीमेंट का टाइप और ग्रेड, दोनों बोरी पर ताज़ा छपे रहते हैं, और यह गोदाम से दो में से एक इकाई में निकलती है, बोरी या टन।

यहाँ बात टाइप की है, OPC बनाम PPC। किसी बोरी के अंदर कौन सा ग्रेड है, और आज सुबह किस स्टॉक किए हुए ब्रांड में OPC खड़ा है, यह नीचे बताया गया है।

एक-एक मंज़िल करके घर बनाने वाला अक्सर बोरी में लेता है। एक ही ढलाई के लिए बुक स्लैब, या टेंडर की मात्रा, अक्सर टन में जाती है।

किस काम में लगता है

RCC का काम वहीं है जहाँ OPC अपनी जगह बनाता है: फुटिंग, स्तंभ, बीम और वे स्लैब जिन्हें जल्दी एक तय मज़बूती चाहिए, प्रीकास्ट लिंटर और कवर ब्लॉक, और वह सब जो शटरिंग के अंदर डाला जाता है और जिसकी शटरिंग जल्दी खुलनी है। बिल्डर, ठेकेदार और प्रोजेक्ट कंपनियाँ सब इसी OPC वाले स्टॉक से लेते हैं।

सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में नक्शे पर OPC और उसका ग्रेड दोनों लिखे रहते हैं, और टेंडर सप्लाई में अक्सर अप्रूव्ड लिस्ट पर ग्रेड पहले तय होता है, ब्रांड बाद में। कॉल पर ग्रेड बता दीजिए, और अगर उसी ढलाई के लिए सरिया भी उसी गाड़ी पर जाना है, तो वह भी साथ में बता दीजिए।

  • IS 269:2015 में पाँच ग्रेड, चार नहीं

    Bureau of Indian Standards का अपना सीमेंट स्पेसिफिकेशन का संग्रह IS 269:2015 के तहत पाँच ग्रेड गिनाता है: OPC 33, OPC 43, OPC 53, OPC 43S और OPC 53S। रेल मंत्रालय का फरवरी 2022 का CAMTECH पैम्फलेट भी यही पाँच बताता है। दोनों S ग्रेड स्लीपर ग्रेड हैं, रेलवे के कंक्रीट स्लीपर के लिए बने हैं, किसी बिल्डर के ऑर्डर के लिए नहीं।

    कोई भी बनाने वाला स्टैंडर्ड की पूरी लिस्ट नहीं बेचता। UltraTech अपने OPC पेज पर चार नाम गिनाता है, 33, 43, 53 और 53-S, और 43S छोड़ देता है। यह UltraTech की अपनी बिक्री की लिस्ट है, IS 269:2015 जितना इजाज़त देता है उसकी पूरी लिस्ट नहीं।

  • ग्रेड का नंबर क्या बताता है

    OPC के बाद का नंबर वह कम से कम मज़बूती है, मेगापास्कल में, जो स्टैंडर्ड उस सीमेंट से 28 दिन में माँगता है। बड़ा नंबर मतलब मज़बूती की ऊँची सीमा, कोई अलग सीमेंट या अलग कच्चा माल नहीं। किस काम को कौन सा ग्रेड चाहिए, यह नक्शे पर या साइट पर मिस्त्री से तय होता है, और हम फ्लोर पर खड़ी बोरी को उसी नंबर से मिलाकर भेजते हैं।

  • हमारी किन बोरियों में OPC मिलता है

    OPC के लिए यहाँ अलग रैक नहीं है, यह उन दो सीमेंट टाइप में से एक है जो स्टॉक की बोरी बोरी पर छपा नाम पढ़ने पर निकलता है। UltraTech की सादी बोरी एक ट्रक पर OPC होती है और अगले पर PPC, यह उस लोड में UltraTech के किस ग्रेड में बनी थी उस पर टिका है; देखिए UltraTech Plain। Ambuja अपनी Ambuja Cement को OPC और PPC, दोनों रूप में छापता है, और फ्लोर पर खड़ी बोरी पढ़कर ही तय होता है कि किस दिन कौन सी है; देखिए Ambuja Cement

    Shree Cement, जो यहाँ Shree या Bangur के नाम से आता है, अपने सात नामों में OPC, PPC, PSC और कंपोजिट सीमेंट, चारों टाइप रखता है, और MP Birla की बोरी PPC, OPC या PSC में से किसी भी रूप में आ सकती है; देखिए Shree Cement और MP Birla Cement। हर ग्रेड हर ब्रांड में हर दिन नहीं रहता, इसलिए आज सुबह OPC में क्या खड़ा है, यह एक कॉल की बात है।

सवाल

OPC सीमेंट के सवाल

सहरसा में OPC किस ब्रांड में मिलता है?

UltraTech की सादी बोरी, Ambuja Cement, Shree Cement और MP Birla, चारों OPC को उन सीमेंट में गिनाते हैं जो उनकी बोरी हो सकती है। आज सुबह OPC में क्या खड़ा है, यह बोरी पढ़कर और कॉल पर तय होता है, क्योंकि हर ग्रेड हर ब्रांड में हर दिन नहीं रहता।

नक्शे में OPC का ग्रेड न लिखा हो तो क्या करें?

कॉल पर बता दीजिए काम असल में क्या है, फुटिंग, स्तंभ, स्लैब या सड़क का पैनल, हम उसी के हिसाब से ग्रेड बता देंगे। जहाँ मिस्त्री बिना नक्शे के साइट चला रहा हो, वहाँ उसी की बात मानी जाती है, और फ्लोर पर खड़ी बोरी उसी के हिसाब से भेजी जाती है।

नींव और RCC ढलाई के लिए OPC ही क्यों लेते हैं?

OPC एक तय मज़बूती देता है जो IS 269:2015 के तहत 28 दिन में जाँची जाती है, और फुटिंग, स्तंभ या शटरिंग के अंदर की स्लैब जैसे RCC काम को यही चाहिए। नक्शे पर लिखा काम ही ग्रेड तय करता है, और उसी के हिसाब से हम स्टॉक की बोरी को कॉल पर मिलाते हैं।

टेंडर के अप्रूव्ड मेक लिस्ट में OPC लिखा है, कोई भी ब्रांड चलेगा?

अप्रूव्ड लिस्ट पर अक्सर टाइप और ग्रेड दोनों लिखे रहते हैं, OPC 43 या OPC 53, और कभी बनाने वाले का नाम भी। कॉल पर वह लाइन जस की तस पढ़ दीजिए, हम ऑर्डर जाने से पहले किसी स्टॉक किए हुए ब्रांड की OPC बोरी को उससे मिला देंगे।

संपर्क

गाड़ी पर चढ़ने से पहले बोरी पर ग्रेड पढ़ लीजिए

हर OPC बोरी पर अपना ग्रेड छपा रहता है, बोरी-बोरी, और उसी नंबर को हम काम से मिलाते हैं। नक्शे में क्या लिखा है बता दीजिए, RCC, सड़क का पैनल, कोई प्रीकास्ट टुकड़ा या ऐसी फुटिंग जिसे जल्दी मज़बूती चाहिए, हम बता देंगे कि आज सुबह हमारे किस स्टॉक किए हुए ब्रांड में वह ग्रेड खड़ा है।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp