MS और GI पाइप
MS पाइप
बिना किसी परत वाला काला लोहे का पाइप, गोल भी और चौकोर तथा आयताकार भी, सहरसा गोदाम में शेड, गेट और ग्रिल के काम के लिए।
- MS और GI पाइप
- 1 साइज़ लिस्ट में
- MS ब्लैक
- 6 ब्रांड स्टॉक में
- अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
MS पाइप यानी काला पाइप: सादा लोहे की नली, जिसके ऊपर कुछ चढ़ा नहीं होता, न जस्ता न रंग। Jay Shree Infra इसे सहरसा गोदाम में गोल नली के रूप में भी रखता है, और उन चौकोर तथा आयताकार हॉलो सेक्शन में भी जिनसे शेड का फ्रेम खड़ा होता है, Satyam, Tata Pipes, Kamdhenu Pipes, BST Infrasteel, Baba Ispat और Cognigent नामों के साथ। शेड के खंभे और ट्रस, गेट और ग्रिल के फ्रेम, मचान और वर्कशॉप की बेंच, सब इसी एक रैक से उठते हैं, और हमारी गाड़ियाँ इसे सहरसा, सुपौल और मधेपुरा तक ले जाती हैं।
गोल पाइप और चौकोर सेक्शन दो अलग ऑर्डर हैं, एक ही ऑर्डर के दो आकार नहीं। गोल पाइप अपने नॉमिनल बोर और अपने क्लास से बोला जाता है, IS 1239 (Part 1) के तहत। चौकोर या आयताकार सेक्शन अपनी दोनों बाहरी भुजाओं और अपनी मोटाई से बोला जाता है, IS 4923 के तहत, और उस पर क्लास होता ही नहीं। इसी रैक की जस्ते वाली तरफ MS और GI पाइप के पेज पर है।
छपी हुई रेंज
गोल काले पाइप पर मिल क्या छापती है
गोल काले पाइप के लिए एक छपी हुई साइज़ पंक्ति।
सारे कॉलम देखने के लिए टेबल को दाएँ बाएँ स्क्रॉल कीजिए
| किसकी छापी हुई | स्टैंडर्ड | साइज़ रेंजनॉमिनल बोर |
|---|---|---|
| Tata Pipes | IS 1239 | 15 to 150 NB |
यह बनाने वाले का छापा हुआ आँकड़ा है, स्टॉक लिस्ट नहीं। BIS का अपना लाइसेंस दायरा भी IS 1239 (Part 1) पर इसी 150 mm नॉमिनल बोर तक जाता है, लाइट, मीडियम और हैवी क्लास में। वही कंपनी IS 3589 के सामने 200 से 600 NB भी छापती है, जो प्रोजेक्ट का माल है। आज सुबह कौन सा बोर और कौन सी मोटाई खड़ी है, यह कॉल की बात है।
किस काम में लगता है
सबसे ज़्यादा यह शेड और गोदाम के काम में जाता है: PACS गोदाम, वेयरहाउस, वर्कशॉप और खेती के शेड में खंभे, ट्रस, ब्रेसिंग और पर्लिन के सहारे। उसके बाद गेट और ग्रिल, जहाँ फ्रेम पाइप का बनता है और उसमें एंगल, पट्टी और चौकोर बार भरी जाती है। मचान, फर्नीचर के फ्रेम और मशीन के स्टैंड बाकी हिस्सा लेते हैं।
शेड के फ्रेम में कौन सा सेक्शन और कितनी मोटाई लगेगी, यह फैब्रिकेटर के डिज़ाइन का फैसला है, दुकान इसे तय नहीं करती। उसकी सेक्शन लिस्ट कॉल पर बता दीजिए, हम उसे खड़े माल से मिला देंगे। जिस हफ्ते शेड का फ्रेम और उसकी छत दोनों उठ रहे हों, उसमें चदरा, पर्लिन और गर्ट उसी गाड़ी पर चले जाते हैं।
पाइप पर पड़ा अक्षर ही उसका क्लास है
लाइसेंस वाला गोल पाइप खुद बता देता है कि वह क्या है, किसी की बात पर भरोसा नहीं करना पड़ता। IS 1239 (Part 1) के लिए BIS के अपने प्रोडक्ट मैनुअल में लिखा है कि बनाने वाले का नाम या ट्रेड मार्क, स्टैंडर्ड नंबर और क्लास का अक्षर, लाइट के लिए L, मीडियम के लिए M, हैवी के लिए H, करीब एक मीटर के अंतर पर पाइप पर उभरा हुआ रहता है, और स्टैंडर्ड मार्क हर नली की बाहरी सतह पर। लोड चढ़ने से पहले यह सब पाइप पर पढ़ लीजिए।
क्लास के साथ रंग की पट्टियाँ भी चलती हैं, जो कारखाने से निकलने से पहले ही लगाई जाती हैं। कौन सा रंग किस क्लास का है, यह स्टैंडर्ड की अपनी क्लॉज़ में तय है, आँख से अंदाज़ा लगाने की चीज़ नहीं, इसलिए यह कॉल पर हमसे पक्का कर लीजिए।
चौकोर सेक्शन पर क्लास नहीं, मोटाई होती है
चौकोर सेक्शन में मीडियम माँगिए तो देने को कुछ है ही नहीं: क्लास वाली बात IS 1239 के गोल पाइप की है। हॉलो सेक्शन IS 4923 के तहत आते हैं, जो उन्हें दो बाहरी नापों और मोटाई से पहचानता है, कोल्ड फॉर्म्ड या हॉट फॉर्म्ड, और ग्रेड YSt 210 से ऊपर की तरह लिखे जाते हैं। यानी चौकोर सेक्शन 50 गुणा 50 गुणा 2 करके बोला जाता है, और वह तीसरा आँकड़ा ही पूरा सवाल है।
एक छपी हुई लाइन का फैलाव देखना हो तो Tata अपने रिटेल Structura के चौकोर सेक्शन YSt 210 में 20 गुणा 20 से 150 गुणा 150 तक देता है, 1.2 mm से 5 mm मोटाई में। बाकी कंपनियाँ अपनी अलग छापती हैं।
बंडल के साथ क्या आता है, और टेंडर के काम में वह क्यों चाहिए
हर बंडल पर धातु या प्लास्टिक का एक टिकाऊ टैग लगा रहता है, और BIS का प्रोडक्ट मैनुअल गिनाता है कि उस पर क्या रहेगा: क्लास और बनाने की प्रक्रिया, माल का स्रोत, साइज़, बैच नंबर, और CM/L वाला लाइसेंस नंबर। सर्टिफाइड खेप के साथ एक टेस्ट सर्टिफिकेट भी चलता है जिस पर वही स्टैंडर्ड मार्क रहता है, और साथ में कास्ट या कंट्रोल यूनिट नंबर, क्लास, नाप तथा जाँच के नतीजे।
एक कंट्रोल यूनिट का मतलब है एक ही मिल पर आठ घंटे या उससे कम की एक पाली में बना एक ही साइज़, एक ही ग्रेड और एक ही क्लास का सारा पाइप। बैच नंबर इतनी बारीकी तक पहुँचाता है। कॉल पर बता दीजिए कि काम टेंडर का है, हम बता देंगे कि वह बंडल किस कागज़ के साथ आया है।
पीस, बंडल, किलो या टन
MS पाइप इस काउंटर से चार हिसाब से जाता है: पीस, बंडल, किलो और मीट्रिक टन। जिस दिन आप फोन करें उस दिन आपकी लाइन किस हिसाब पर है, यह सेक्शन पर भी है और उस नाम की चाल पर भी, इसलिए आँकड़े से पहले हिसाब तय कर लीजिए। एक ही बोर के दो पाइप अलग-अलग क्लास में एक बराबर नहीं तुलते, क्योंकि लोहा मोटाई में ही बैठा होता है। +91 6202 967 218 पर आकार, नाप, मोटाई और मात्रा बता दीजिए, उसी कॉल पर उसी पाइप का आँकड़ा वापस मिल जाएगा।
ब्रांड
पाइप के रैक से कौन से नाम गुज़रते हैं
इनमें किसी पर हमारी दुकान की पसंद का ठप्पा नहीं है। आपको कौन सा नाम मिलेगा, यह इससे तय होता है कि आपके काम वाली सेक्शन और मोटाई में उस रोज़ फ्लोर पर क्या पड़ा है, और यह जवाब हफ्ते-हफ्ते बदलता रहता है।
इन छह में से दो, Baba Ispat और Cognigent, के पीछे किसी मिल का नाम नहीं जुड़ा। Cognigent की वर्तनी वही है जिससे यह यहाँ बिल होता है, और उस वर्तनी को आज तक किसी बनाने वाले से मिलाया नहीं जा सका है, इसलिए प्रोजेक्ट के काम में पाइप पर उभरी मार्किंग देखकर वही बता दीजिए, बिल के भरोसे मत रहिए। Satyam Steel, Kamdhenu और Tata अपनी पाइप रेंज खुद छापते हैं; BST Infrasteel का काम स्टील की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन है। किसी एक दिन हर साइज़ हर ब्रांड में खड़ी हो, ऐसा नहीं होता।
स्रोत
मार्किंग और साइज़ कहाँ से आए हैं
क्लास के अक्षर और हॉलो सेक्शन की पहचान के पीछे के दो BIS प्रोडक्ट मैनुअल, और ऊपर दी गई दोनों छपी हुई रेंज।
- IS 1239 (Part 1) का BIS प्रोडक्ट मैनुअल: मार्किंग, बंडल के टैग और जाँच प्रमाणपत्र के नियमभारतीय मानक ब्यूरो
- IS 4923 का BIS प्रोडक्ट मैनुअल, स्ट्रक्चरल काम के हॉलो स्टील सेक्शनभारतीय मानक ब्यूरो
- Tata Pipes का MS पाइप पेज, उसकी IS 1239 और IS 3589 बोर रेंज के साथTata Steel
- Tata Structura के रिटेल चौकोर हॉलो सेक्शन, साइज़ और मोटाई के साथTata Steel
सवाल
MS पाइप के सवाल
पाइप पर L, M या H का मतलब क्या है?
लाइट, मीडियम और हैवी क्लास, IS 1239 (Part 1) के तहत। बोर एक ही, क्लास अलग, तो मोटाई अलग, इसलिए आधा ऑर्डर उसी अक्षर में है। मिस्त्री ने जो अक्षर लिखा हो वही बता दीजिए, हम उसे फ्लोर से मिलाकर देख लेंगे।
चौकोर पाइप में लाइट, मीडियम, हैवी होता है क्या?
नहीं, और IS 4923 में इसके बराबर की कोई चीज़ भी नहीं है। हॉलो सेक्शन 40 गुणा 40 गुणा 2 या 60 गुणा 40 गुणा 2.6 करके बोला जाता है, दो बाहरी भुजाएँ और एक मोटाई, और जहाँ नक्शे में ग्रेड लिखा हो वहाँ YSt 210 जैसा ग्रेड भी। तीनों आँकड़े बता दीजिए।
MS पाइप पर ISI मार्क कैसे पहचानें?
BIS लाइसेंस वाली नली पर स्टैंडर्ड मार्क बाहरी सतह पर उभरा रहता है, और बंडल के टैग पर CM/L वाला लाइसेंस नंबर रहता है। टेस्ट सर्टिफिकेट भी माँग लीजिए, और आपके साइज़ और काम के लिए यह ज़रूरी है या नहीं, यह कॉल पर हमसे पक्का कर लीजिए।
छोटे पाइप का बैच नंबर कहाँ लिखा रहता है?
बंडल के टैग पर। BIS का प्रोडक्ट मैनुअल पाइप पर बैच नंबर 25 mm NB और उससे ऊपर ही माँगता है, उभारकर, स्टेंसिल से, ट्रांसफिक्स लेबल से या एचिंग से; 20 mm NB और उससे नीचे वह बंडल पर बँधे टैग पर जाता है। इसलिए छोटा बंडल एक बार खुल गया तो टैग ही आख़िरी पहचान बचती है। टेंडर का काम हो तो उसे रख लीजिए।
MS पाइप का ऑर्डर देते वक्त क्या क्या बताना होगा?
छह बातें: गोल, चौकोर या आयताकार, उसके आर-पार की साइज़, मोटाई, लंबाई, काम में कोई ब्रांड लिखा हो तो वह, और कितना चाहिए। गोल पाइप पर क्लास का अक्षर और हॉलो सेक्शन पर ग्रेड, जहाँ नक्शे में दिए हों। गाँव भी साथ ही बता दीजिए, क्योंकि कौन सी गाड़ी जाएगी यह रास्ते से तय होता है।
संपर्क
और मँगाने से पहले पाइप पढ़ लीजिए
साइट पर पहले से पड़ी लंबाई पर बनाने वाले का नाम, मानक का नंबर और क्लास का अक्षर करीब एक-एक मीटर पर उभरा रहता है, और बंडल अब तक बँधा हो तो उस पर लगे टैग में लाइसेंस नंबर रहता है। यही पढ़कर बता दीजिए, दूसरी खेप पहली से मिल जाएगी और वेल्डिंग के वक्त बहस भी नहीं होगी। साइट पर अभी कुछ न हो तो गोल या चौकोर, आर-पार की नाप, दीवार की मोटाई और लंबाई बता दीजिए।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक