काउंटर पर खड़ा आदमी
अजय कुमार बगेड़िया
सहरसा के लोहा और स्टील के धंधे में पैंतीस साल, और {name} के मालिक, जिस दुकान को बाज़ार खगड़िया वाले कहता है।

अजय कुमार बगेड़िया Meera Talkies Road, सहरसा पर Jay Shree Infra के मालिक हैं। बाज़ार में वे मुन्ना जी हैं और दुकान खगड़िया वाले। सहरसा के लोहा और स्टील के धंधे में उन्हें पैंतीस साल हो गए, और उनमें से ज़्यादातर साल वे जिस काउंटर पर खड़े रहे वह उन बुज़ुर्गों का था जिन्होंने उन्हें सिखाया।
उनके दादा लोहा और स्टील का काम करते थे, और उनसे पहले दादा के पिता: बगेड़िया परिवार की तीन पीढ़ियाँ इस धंधे में, करीब साठ साल। फर्म Jay Shree Infra 2024 में शुरू हुई। फर्म दो साल पुरानी है और उसके पीछे का धंधा कहीं पुराना, और दोनों को कभी एक गिनकर नहीं बताया जाता।
काउंटर पर पैंतीस साल क्या सिखाते हैं
सहरसा में सरिया का कौन सा साइज़ चलता है और कौन सा मँगाना पड़ता है। टेंडर के काम पर ठेकेदार गेट पर कौन सा माल लेगा और कौन सा लौटा देगा। नक्शा कौन सा ग्रेड माँगता है और साइट पर मिस्त्री कौन सा मान लेगा। नींव के लिए कौन सी बोरी ली जाती है और छत ढलाई के लिए कौन सी। इनमें से कुछ भी कहीं छपा नहीं है। यह धंधे में खड़े रहकर सीखा जाता है, जब तक जवाब अपने न हो जाएँ।
यही रैक में दिखता है। सरिया में उनकी पहली पसंद SAIL है: भारत सरकार का कारखाना, ISI मार्क, हर लोड के साथ मिल टेस्ट सर्टिफिकेट, ज़्यादातर टेंडर पर मंज़ूर मेक। ग्रिल और गेट के काम के लिए HMB और Solar के सेक्शन, जो यहाँ के फैब्रिकेटर बरसों से लेते आए हैं। Super Shakti का Fe 600, उस मिल का सबसे ऊँचा ग्रेड, इस इलाके के लिए स्टॉक और सप्लाई। सीमेंट के रैक पर UltraTech, ACC, Ambuja, Nuvoco, Shree और MP Birla, और चदरा के रैक पर Tata Durashine।
उनके साथ ऑर्डर कैसे चलता है
काउंटर का फोन सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक उठता है, वे खुद उठाते हैं या डेस्क पर बैठा कोई। माल, साइज़, ग्रेड या ब्रांड, मात्रा और गाँव बता दीजिए, और उसी कॉल पर उस सुबह का रेट, साइज़ रैक पर है या नहीं, और उस रास्ते का भाड़ा, तीनों मिल जाते हैं। डिलीवरी दुकान की अपनी गाड़ियों से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के सभी 34 ब्लॉक में जाती है।
सरिया पीस से भी बिकता है और वजन से भी, और उस दिन कोई लाइन किस हिसाब पर है यह रेट से पहले तय होता है, ताकि दो भाव एक ही पैमाने पर मिलाए जा सकें। जहाँ सौदा वजन पर है, वहाँ बिल धर्मकांटे की पर्ची के हिसाब से बनता है।
उनके जवाब कहाँ लिखे हैं
जो वे काउंटर पर कहते हैं, वही लिखकर रखा है ताकि फोन करने से पहले पढ़ लें।
संपर्क
नक्शा जो सवाल उठाता है, उनसे पूछिए
{phone} पर फोन कीजिए और बताइए नक्शा क्या माँगता है। रैक पर है तो वे बता देंगे, मँगाना पड़ेगा तो वह भी बता देंगे।
खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक