Jay Shree Infra

गाइड

छत की ढलाई के लिए सीमेंट

छत की ढलाई RCC का काम है, इसलिए उसमें वही सीमेंट जाएगा जो RCC के लिए लिखा गया हो: IS 269:2015 वाला OPC, IS 1489 वाला PPC, IS 455 वाला पोर्टलैंड स्लैग सीमेंट, या IS 16415 वाला कंपोजिट सीमेंट, उसी मानक की तय की हुई शर्तों के अंदर।

  • गाइड
  • आंकड़ों की 1 टेबल
  • अपनी डिलीवरी, 34 ब्लॉक
  • सातों दिन खुला

छत से दूर रखने वाली एक ही किस्म है, मेसनरी यानी चिनाई वाला सीमेंट, और यह हमारी राय नहीं, भारतीय मानक ब्यूरो अपने सीमेंट संकलन में खुद यह चेतावनी छापता है: मेसनरी सीमेंट RCC और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट के काम में, तथा फर्श और नींव के स्ट्रक्चरल कंक्रीट में लगाने से मना किया गया है। छत RCC ही है। Jay Shree Infra सीमेंट सहरसा में काउंटर से बेचता है और सुपौल तथा मधेपुरा तक भेजता है, और हर बोरी हर नाम में एक ही दिन नहीं मिलती। ढलाई की सुबह फ्लोर पर कौन सी बोरी होगी, यह फोन की बात है, और रेट भी। एक सुबह से दूसरी सुबह तक जो नहीं बदलता वह आपके नक्शे की माँगी हुई सीमेंट किस्म है, और वही नीचे लिखी है।

कानूनी किस्म सिर्फ बोरी पर छपती है। कानूनी मार्किंग पढ़िए और बोरी गाड़ी पर चढ़ने से पहले किस्म और ग्रेड अपने नक्शे से मिलाइए। सिर्फ ब्रांड बोलने से किस्म तय नहीं होती, परिवार का नाम बोलने से भी नहीं। Gold, Premium, Concreto और Weather Plus वे शब्द हैं जो बनाने वाला बोरी के सामने बड़े अक्षरों में छापता है, और कानूनी किस्म उसके नीचे छोटे अक्षरों में बैठी रहती है, इसी वजह से UltraTech की सादी बोरी एक पैक में OPC निकलती है और अगले में PPC।

सूची

हर सीमेंट के पीछे का भारतीय मानक

हर सीमेंट किस मानक पर बनता है, BIS ने उसे आख़िरी बार किस साल दोहराया, और वह मानक मिश्रण की कौन सी सीमा तय करता है।

सारे कॉलम देखने के लिए टेबल को दाएँ बाएँ स्क्रॉल कीजिए

सीमेंटभारतीय मानकपुनर्पुष्टिफ्लाई ऐशप्रतिशत, वजन के हिसाब सेग्रेन्युलेटेड स्लैगप्रतिशत, वजन के हिसाब से
OPCIS 269:20152020यहाँ कोई सीमा नहींयहाँ कोई सीमा नहीं
PPCIS 1489 (Part 1):2015202015-35यहाँ कोई सीमा नहीं
PSCIS 455:20152020यहाँ कोई सीमा नहीं25-70
CompositeIS 16415:20152020यहाँ कोई सीमा नहींयहाँ कोई सीमा नहीं
MasonryIS 3466:19882023यहाँ कोई सीमा नहींयहाँ कोई सीमा नहीं

ऊपर का हर आँकड़ा भारतीय मानक ब्यूरो के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छापे हुए सीमेंट संकलन से है: OPC के लिए IS 269:2015, PPC के लिए IS 1489 (भाग 1):2015, पोर्टलैंड स्लैग के लिए IS 455:2015, कंपोजिट के लिए IS 16415:2015 और मेसनरी के लिए IS 3466:1988। यहाँ कोई सीमा नहीं दो अलग बातें कहता है। IS 269, IS 3466 और IS 1489 (भाग 1) तथा IS 455 के जो कॉलम खाली हैं, उनमें संकलन उस चीज़ के लिए कोई सीमा तय नहीं करता, और यह शून्य से अलग बात है: IS 269 पिसाई के वक्त परफॉर्मेंस इंप्रूवर के तौर पर चूना पत्थर, फ्लाई ऐश या स्लैग की छूट देता है और उन पर कोई प्रतिशत नहीं लिखता। कंपोजिट वाली पंक्ति में इसका मतलब कुछ और है: फरवरी 2023 के एक संशोधन ने IS 16415 की घटक सामग्री बदल दी, और संकलन की अपनी दोनों सीमाएँ अभी तक उस बदलाव के साथ नहीं बैठतीं, इसलिए वे ऊपर की टेबल में नहीं दी गईं; उनकी जगह नीचे वाले तीन घोषित आँकड़े देखिए। IS 1489 का एक भाग 2 भी है, कैल्साइंड क्ले वाला, जिसमें कुल पोज़ोलाना 10 से 25 प्रतिशत रहता है; वह अलग मानक और अलग सीमेंट है, और ऊपर वाली PPC पंक्ति भाग 1 की है। पूरे संकलन में सीमेंट के सत्रह मानक हैं। सफेद सीमेंट, ऑयल वेल सीमेंट, हाई एल्युमिना सीमेंट और बाकी सब भी उसी में हैं, दूसरे कामों के लिए लिखे हुए।

कंपोजिट सीमेंट वाली पंक्ति पर शर्त लगी हुई है, और खाली खाने भी उसी पंक्ति में हैं। संकलन कंपोजिट सीमेंट को RCC के काम के लिए तीन घोषित आँकड़ों पर एक साथ खरा मानता है: क्लिंकर कम से कम 45 प्रतिशत, फ्लाई ऐश ज़्यादा से ज़्यादा 25 प्रतिशत, और 28 दिन की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ कम से कम 43 MPa। ये तीनों बनाने वाला अपनी बोरी के बारे में खुद घोषित करता है, इसलिए ढलाई के लिए कंपोजिट की बोरी लेने से पहले तीनों को ढूँढ़ना पड़ता है, और ये उन मिश्रण सीमाओं से अलग चीज़ हैं जिनके न होने की वजह फुटनोट में लिखी है।

बाकी चारों पर ऐसी कोई शर्त नहीं है। संकलन OPC को हर तरह के आम निर्माण कार्य के लिए गिनाता है, और PPC को हर उस जगह के लिए जहाँ OPC लगता है, सिवाय उसके जहाँ शुरुआती स्ट्रेंथ जल्दी चाहिए। पोर्टलैंड स्लैग सीमेंट को वह समुद्री ढाँचों, बंदरगाहों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नहर लाइनिंग, सुरंग, पाइलिंग और इमारत के बेसमेंट के लिए गिनाता है, यानी वे जगहें जहाँ क्लोराइड और सल्फेट से लड़ने की उसकी ताकत सबसे काम आती है। ये सूचियाँ काम गिनाती हैं, रोक नहीं लगातीं। उन पन्नों पर रोक सिर्फ एक है, मेसनरी सीमेंट वाली चेतावनी।

बोरी पर लिखे नंबर

43 और 53 कहाँ से आते हैं, और कहाँ जाकर रुक जाते हैं

ग्रेड का नंबर सिर्फ OPC का है, उस टेबल में और किसी का नहीं। IS 269:2015 में पाँच ग्रेड हैं, OPC 33, OPC 43, OPC 53, OPC 43S और OPC 53S, जैसा रेल मंत्रालय ने उसी मानक पर अपने फरवरी 2022 के CAMTECH पर्चे में लिखा है। UltraTech अपने OPC पेज पर इनमें से चार गिनाता है, 33, 43, 53 और 53-S, और 43S छोड़ देता है। दो प्राथमिक स्रोत, दो सूचियाँ, और सामने रखी एक बोरी, और यह बोरी ही बताती है कि इनमें से कौन सा माल आपके हाथ में है। IS 269:2015 पर ब्यूरो का अपना रिकॉर्ड कोई संशोधन जारी नहीं दिखाता, इसलिए उस पर्चे की सूची ऐसी सूची नहीं है जिसे बाद में किसी ने चुपचाप बदल दिया हो।

PPC पर ग्रेड का नंबर होता ही नहीं। UltraTech का PPC पेज यही लिखता है, और फिर वह आँकड़ा छापता है जो लोग असल में पूछते हैं: PPC की स्ट्रेंथ OPC 33 ग्रेड के बराबर मानी जाती है, 330 kg प्रति वर्ग सेंटीमीटर। यानी 53 ग्रेड वाला PPC माँगना उस चीज़ को माँगना है जिसे कोई छापता ही नहीं। पहले किस्म बोलिए। ग्रेड उसके बाद, जहाँ उस किस्म पर ग्रेड होता हो।

कंक्रीट का कोड

IS 456, और ऊपर के आँकड़े कहाँ से आए

नक्शा हर सूची से ऊपर है। इंजीनियर ने जो किस्म लिख दी है वही ऑर्डर है, और जहाँ नक्शा न हो वहाँ मिस्त्री की बताई किस्म उसकी जगह लेती है। किसी टेबल में यह तय नहीं होता कि अपनी छत में क्या डालना है; नक्शा या मिस्त्री तय करता है।

भारत में प्लेन और रीइनफोर्स्ड कंक्रीट पर चलने वाला कोड IS 456 है, वही कोड जिसके अंदर इंजीनियर का नक्शा बैठता है। वह सन 2000 में छपा था और उसके बाद छह बार संशोधित हुआ है। बिना संशोधन वाले पुराने पाठ से उठाया क्लॉज़ गलत क्लॉज़ हो सकता है, इसलिए ऊपर की सीमेंट किस्में, ग्रेड और मिश्रण सीमाएँ 2000 वाले पाठ को हाथ से नहीं उतारी गईं, बल्कि भारतीय मानक ब्यूरो के अपने छापे संकलन से ली गई हैं, जिसे ब्यूरो खुद अपडेट रखता है।

यहाँ ऑर्डर कैसे बनता है

किस्म बता देने के बाद भी क्या बताना पड़ता है

एक गिनती, एक तारीख और एक आधार। सीमेंट यहाँ बोरी से भी बिकता है और टन से भी, इसलिए आप किस हिसाब पर हैं यह कॉल की शुरुआत में तय हो जाता है। बोरी पर बनने की तारीख भी उसी कानूनी खाने में छपी रहती है जिसमें किस्म, इसलिए ढलाई का दिन गिनती के साथ ऑर्डर में लिखा जाना चाहिए। सरिया, कवर ब्लॉक और बाँधने का तार बोरी के साथ उसी गाड़ी पर जाते हैं, और यह पहली कॉल पर बता देना ठीक रहता है, दूसरी पर नहीं।

ढलाई के बाद की तराई अपने आप में अलग विषय है, और वह तराई वाले गाइड पर आँकड़े सहित खुली हुई है।

सवाल

ढलाई के सीमेंट पर सवाल

स्लैब में OPC डालें या PPC?

दोनों RCC के काम के लिए लिखे गए हैं, इसलिए इन दोनों में से कौन सा, यह आपका नक्शा तय करता है, काउंटर पर अंदाज़ा नहीं। ब्यूरो का संकलन IS 269:2015 वाले OPC को हर तरह के आम निर्माण कार्य के लिए गिनाता है, और IS 1489 (भाग 1) वाले PPC को हर उस जगह के लिए जहाँ OPC लगता है, सिवाय उसके जहाँ शुरुआती स्ट्रेंथ जल्दी चाहिए। नक्शे पर लिखी किस्म हमें पढ़कर सुना दीजिए, हम बता देंगे कि फ्लोर पर कौन सी बोरियाँ वह किस्म रखती हैं।

मेसनरी सीमेंट की बोरी छत में चल जाएगी?

नहीं। ब्यूरो का अपना संकलन मेसनरी सीमेंट को RCC और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट के काम में, तथा फर्श और नींव के स्ट्रक्चरल कंक्रीट में लगाने से मना करता है, और छत RCC ही है। वह IS 3466 पर बना पूरा सीमेंट है और उसका काम चिनाई का मसाला, रेंडरिंग और प्लास्टर है। मेसनरी सीमेंट हम रखते ही नहीं।

53 ग्रेड वाला PPC मिलता है?

ऐसी कोई चीज़ बनती ही नहीं। ग्रेड के नंबर OPC के हैं, जहाँ IS 269:2015 में 33, 43, 53, 43S और 53S आते हैं। UltraTech अपने PPC पेज पर PPC की स्ट्रेंथ OPC 33 ग्रेड के बराबर छापता है, 330 kg प्रति वर्ग सेंटीमीटर, और PPC के लिए कोई ग्रेड तय नहीं करता। इसलिए पहले किस्म पूछिए, और ग्रेड सिर्फ वहाँ जहाँ उस किस्म पर होता हो।

Composite लिखा हुआ बैग स्लैब में चलेगा?

तभी, जब उस पर घोषित तीन आँकड़े ठीक बैठें। संकलन IS 16415 वाले कंपोजिट सीमेंट को RCC के काम के लिए तब मानता है जब घोषित क्लिंकर कम से कम 45 प्रतिशत हो, फ्लाई ऐश ज़्यादा से ज़्यादा 25 प्रतिशत, और 28 दिन की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ कम से कम 43 MPa। तीनों बोरी और बनाने वाले के अपने कागज़ से निकलते हैं, इसलिए ऑर्डर देने से पहले तीनों हमें पढ़कर सुना दीजिए।

बैग पर सीमेंट टाइप किस जगह छपा रहता है?

कानूनी छपाई में, सामने के परिवार नाम के नीचे छोटे अक्षरों में। किस्म, मानक और बनने की तारीख, तीनों उसी खाने में बैठती हैं। हर बोरी पर वही खाना देखिए, गाड़ी पर लदने से पहले, सामने लिखे बड़े ब्रांड नाम को नहीं। अक्षर पढ़ने में दिक्कत हो तो +91 6202 967 218 पर कॉल करके पढ़ सुना दीजिए।

कॉल पर

फोन करते वक्त ये बातें पास रखिए

  • नक्शे में कौन सी किस्म लिखी है?

    OPC, PPC, पोर्टलैंड स्लैग या कंपोजिट, और उसके बाद ग्रेड, जहाँ उस किस्म पर ग्रेड होता हो। वह लाइन हमें पढ़कर सुना दीजिए, हम उसी से बोरी मिला देंगे। नक्शा न हो तो मिस्त्री ने जो बताया है वह बता दीजिए।

  • जो बोरी दिखाई गई है उस पर ब्रांड के नीचे क्या छपा है?

    IS नंबर और सीमेंट की किस्म परिवार के नाम के नीचे छोटे अक्षरों में रहती है। असली बात वही छपाई है। सामने का बड़ा शब्द बनाने वाले का अपना पैक नाम है।

  • कितनी बोरी, और ढलाई किस दिन है?

    तारीख वह आधा हिस्सा है जो लोग बताना भूल जाते हैं, और गाड़ी उसी से बैठती है। दोनों एक ही कॉल में तय हो जाते हैं।

  • बोरी से या टन से?

    सीमेंट यहाँ बोरी से भी बिकता है और टन से भी। आँकड़े से पहले आधार तय कीजिए, क्योंकि प्रति बोरी रेट और प्रति टन रेट एक ही काउंटर पर दो अलग बातचीत हैं।

  • उसी गाड़ी पर और कुछ जाना है?

    सरिया, कवर ब्लॉक, बाँधने का तार और वाटरप्रूफिंग लिक्विड, सब बोरी के साथ ही लद जाते हैं। एक गाड़ी जाएगी या दो, यह पहली गाड़ी बुक होते वक्त तय होता है, इसलिए उसी कॉल पर बता दीजिए।

संपर्क

ढलाई की तारीख इस ऑर्डर का आधा हिस्सा है

ढलाई एक दिन के लिए तय होती है, और गाड़ी उसी दिन से बैठती है, अकेली गिनती से नहीं। पहले तारीख बता दीजिए, फिर कितनी बोरी, फिर यह कि सरिया, कवर ब्लॉक और बाँधने का तार भी उसी फेरे में जाएँगे या नहीं। ये तीनों लेकर +91 6202 967 218 पर कॉल कीजिए, माल ऑर्डर के हिसाब से नहीं, ढलाई के हिसाब से बनकर निकलेगा।

खुलने का समय: सातों दिन, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक

आज ही कॉल करें+91 6202 967 218WhatsApp